
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बुधवार को डिजास्टर मैनेजमेंट और डिजास्टर से जुड़े अर्ली वार्निंग सिस्टम को लेकर जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि हमने वर्ष 2004 से 2024 तक 6,244 करोड़ रुपए राज्य के लिए अप्रूव किए हैं।
जिस हिसाब से खर्च आता है, उसी हिसाब से पैसा देते हैं-गृहमंत्री
गृह मंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से उनके खर्च का हिसाब आता है, उसी हिसाब से राशि आवंटित होती है। 4,619 करोड़ रुपए रीइंबर्स कर दिए गए है। वहां (पश्चिम बंगाल की ओर से) हिसाब भेजने में थोड़ा प्रॉब्लम है। अब वह तो मैं नहीं कर सकता, वह तो बंगाल सरकार को ही करना पड़ेगा। अकाउंट देना पड़ता है, यह तो सरकार है, कोई राजनीतिक दल नहीं है। सरकार के कुछ नियम होते हैं, अकाउंट सिस्टम होता है, ऑडिट होता है, हम किसी को नहीं मानेंगे तो थोड़ी तकलीफ आएगी। मगर, अब धीरे-धीरे आदत पड़ रही है, इंप्रूवमेंट आया है। इसलिए, 6,244 में से 4,619 करोड़ रुपए रिलीज हो चुके हैं।
केरल के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम दिया गया था
इसके साथ ही गृहमंत्री ने कहा कि केरल के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम दिया गया था। इसलिए 23 तारीख को हमने एनडीआरएफ की 9 बटालियन वहां पर भेज दी थी। इसके अलावा एनडीआरएफ की तीन और बटालियन 30 जुलाई को भेजी गई है। इससे पहले भेजी गई एनडीआरएफ की बटालियन उतरने से भी अगर वे अलर्ट हो जाते, तो काफी कुछ बच जाता।
यह समय यह केरल की सरकार के साथ खड़ा रहने का है
गृह मंत्री ने कहा कि मैं किसी पर दोषारोपण नहीं करना चाहता हूं। यह केरल की सरकार के साथ खड़ा रहने का समय है, केरल की जनता के साथ खड़ा रहने का समय है। लोगों की, जनता की हानि हुई है, उनके साथ खड़ा रहने का समय है। मैं सदन को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि बिना किसी भेदभाव के नरेंद्र मोदी सरकार केरल की सरकार और केरल की जनता के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहेगी।
Published on:
31 Jul 2024 07:20 pm
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