
बिहार में जातिगत जनगणना की रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही राहुल गांधी समेत देश के कई बड़े नेता देश भर में जातिगत जनगणना कराने की मांग कर रहे हैं। लेकिन विपक्ष की इस मांग पर आज तक भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चुप था। लेकिन जातीय जनगणना की मांग पर आज गृहमंत्री अमित शाह ने पहली बार किसी भी तरह का बयान दिया है। इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर जल्द ही सबके साथ बैठक करने की बात कही है।
भाजपा जातिगत जनगणना के विरोध में नहीं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भाजपा का घोषणा पत्र जारी किया। इस दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि बीजेपी जातिगत जनगणना के खिलाफ नहीं है। हम राष्ट्रीय पार्टी हैं, हम वोटों की राजनीति नहीं करते हैं। सभी से चर्चा करने के बाद जो भी उचित निर्णय होगा हम बताएंगे। इसके आधार पर चुनाव की नैय्या पार लगाना ठीक नहीं है। बहुत सोच समझकर निर्णय लेना होता है। हम उचित समय आने पर इसके बारे में बताएंगे।
बिहार ने जारी किया है जातिगत जनगणना का रिपोर्ट
बता दें कि बिहार देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां की सरकार ने अपने राज्य में न सिर्फ जातिगत जनगणना कराया। बल्कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर सरकार ने उसकी रिपोर्ट भी सार्वजनिक कर दी। इसके बाद देश के तमाम नेताओं ने जातिगत जनगणना की मांग कर दी।
राहुल गांधी लगातार बना रहें मुद्दा
हाल ही में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई थी। मीटिंग के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा था कि बिहार में हुए जातिगत सर्वे की तरह हम भी कांग्रेस शासित राज्य में इस ओर बढ़ेंगे। हम देश में जातिगत जनगणना की मांग करते हैं। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वो अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए काम नहीं कर रहे हैं।
Published on:
03 Nov 2023 04:42 pm
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