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अमित शाह का जम्मू कश्मीर दौरा, बोले- जिन युवाओं के हाथों में पत्थर थे, अब उनके हाथों में लैपटॉप देख सुकून मिलता है

Home Minister Amit Shah Visited Jammu Kashmir: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार को जम्मू कश्मीर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज एक नया जम्मू-कश्मीर बन रहा है। एक जमाने में घाटी के जिन युवाओं के हाथ में पत्थर होते थे आज उन्हीं युवाओं के हाथों में लैपटॉप देखकर बहुत सुकून मिलता है।

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Home minister Amit Shah visit Jammu Kashmir

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले- "जम्मू कश्मीर के युवा राज्य ही नहीं देश के भविष्य की नींव बनेंगे।"

श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान, हौसले और संकल्प से ही जम्मू-कश्मीर भारत के साथ जुड़ा हुआ है। यहीं नहीं धारा 370 भी उन्ही के संकल्प सिद्ध से निरस्त हुई है। ये कहना था केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जो डॉ मुखर्जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि देते हुए बोल रहे थे। अमित शाह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 को शामिल करने के प्रस्ताव के विरोध में 1953 में देश के उद्योग मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। मुखर्जी ने कहा था कि इस देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे। उन्ही के सपने को पूरा करने के लिए 5 अगस्त 2019 को मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने धारा 370 को निरस्त कर दिया।


“जम्मू कश्मीर में तीन परिवारों का राज रहा”
अमित शाह ने कहा कि सालों तक जम्मू-कश्मीर में तीन परिवारों का राज रहा। यहाँ धारा 370 के कारण विकास नहीं हो पाया, 42 हजार लोग आतंकवाद की भेंट चढ़ गए। लेकिन फिर भी ये लोग कहते हैं कि हमें धारा 370 को संभाल कर रखना चाहिए।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर संपूर्ण नकेल कसने का काम भारत सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय 10 साल में 7327 आतंकी घटनाएं हुई और 2056 नागरिक मारे गये वहीं पिछले 9 साल में करीब 70% की कमी के साथ 2350 आतंकी घटनाएं हुई और 377 नागरिक मारे गये। शाह ने कहा कि धारा 370 हटा कर भारत सरकार ने पहाड़ी समुदाय, अनुसूचित जातियों, जनजातियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को उनके आरक्षण का अधिकार दिलाया है।


जम्मू कश्मीर के युवाओं में सकारात्मकता देख खुशी होती है: शाह
अमित शाह ने कहा कि आज एक नया जम्मू-कश्मीर बन रहा है। एक जमाने में घाटी के जिन युवाओं के हाथ में पत्थर होते थे आज उन्हीं युवाओं के हाथों में लैपटॉप देखकर बहुत सुकून मिलता है। कंकड़ की जगह किताब लेकर पढ़े-लिखे युवा न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि देश के भविष्य को संवार रहे हैं। पहले इनके भविष्य पर ब्‍लेकटॉप लिखा हुआ था अब ब्लैक बोर्ड पर वह अपना खुद का भविष्य लिख रहे हैं। यह परिवर्तन पिछले 9 सालों में दिखा।


शाह ने 309 करोड़ रुपये का शिलान्यास किया
शाह ने लगभग 309 करोड़ रुपये की लागत से कई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया । इसके तहत 100 करोड़ रुपये की लागत से CFSL, 157.47 करोड़ रुपये की लागत से रामबन और किश्तवाड़ में जल जीवन मिशन के तहत 41 जलापूर्ति योजनाओं , 32.46 करोड़ रुपये की लागत से डोडा में बस स्टैंड में बनाए जाने वाले बहुमंजिला पार्किंग का शिलान्यास शामिल है। इसके साथ-साथ 40.86 करोड़ रुपये की लागत से बक्शी नगर में बोन एंड जॉइंट हॉस्पिटल, 17.77 करोड़ रुपये की लागत से ग्रिड स्टेशन और 25 करोड़ रुपये की लागत से डोगरा चौक से के. सी. चौक तक अपग्रेडेड सड़क का उद्घाटन भी किया ।


शाह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जम्मू में केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी(CFSL), साम्बा का शिलान्यास और अलग अलग विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। अमित शाह ने त्रिकुट नगर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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