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अमित शाह करेंगे उद्घाटन, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड, नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड, नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड का नया ऑफिस

निर्यात, जैविक उत्पाद और बीज के क्षेत्र में काम कर रही हैं BBSSL, NCOL और NCEL, तीनों समितियां कृषि एवं संबंधित गतिविधियों से जुड़े लोगों का विकास सुनिश्चित करेंगी निर्यात, जैविक उत्पाद और बीज के क्षेत्र में काम कर रही हैं BBSSL, NCOL और NCEL, तीनों समितियां कृषि एवं संबंधित गतिविधियों से जुड़े लोगों का विकास सुनिश्चित करेंगी

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Amit Shah will inaugurate new office of BBSSL NCO and NCEL

अनुराग मिश्रा। नई दिल्ली: राजधानी के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में तीन बहुराज्यीय सहकारी समितियों- भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL), नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) और नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (NCEL) के नए कार्यालय भवन का उद्घाटन बुधवार को होगा। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे।

तीनों समितियों — BBSSL, NCOL और NCEL— के नए कार्यालय भवन का उद्घाटन "सहकार से समृद्धि" के विजन को साकार करने की दिशा में सहकारिता मंत्रालय की एक और महत्वपूर्ण पहल है। काफी समय से तीनों समितियों के लिए अलग कार्यालय भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी और अब यह तीनों समितियां निर्बाध रूप से काम कर सकेंगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर की तीन बहुराज्यीय सहकारी समितियों के गठन को मंजूरी दी है। यह समितियां निर्यात, जैविक उत्पाद और बीज के क्षेत्र में काम कर रही हैं और एमएससीएस अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत हैं। BBSSL, NCOL और NCEL के लिए निर्धारित गतिविधियों में रुचि रखने वाली सभी स्तरों की सहकारी समितियां इसकी सदस्यता के लिए पात्र हैं, यानी 'PACS से APACS’ तक सभी इसके सदस्य बन सकते हैं।

NCEL का गठन सहकारी क्षेत्र में निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। NCEL के प्रमुख प्रमोटर्स में गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (GCMMF), भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO), कृषक भारती सहकारी लिमिटेड (KRIBHCO), भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (NAFED) और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) जैसे प्रतिष्ठित संगठन शामिल हैं।

NCEL की स्थापना सहकारी समितियों और संबंधित संस्थाओं के कृषि उत्पादों एवं सेवाओं के प्रत्यक्ष निर्यात और सभी संबंधित प्रचार गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए की गई है। इससे विभिन्न स्तरों पर सहकारी समितियों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का जुड़ाव बढ़ेगा, जिससे सहकारिता क्षेत्र में अधिक रोजगार पैदा होंगे। NCEL, सहकारी क्षेत्र में उत्पादित सरप्लस वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे "मेक इन इंडिया" को बढ़ावा मिलेगा और "आत्मनिर्भर भारत" के निर्माण की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ेंगे।

BBSSL उन्नत और पारंपरिक बीजों के अनुसंधान और उत्पादन से संबंधित समिति है। यह सहकारी क्षेत्र के माध्यम से उन्नत और पारंपरिक बीजों के प्रसंस्करण और विपणन के लिए भी जिम्मेदार है। BBSSL का लक्ष्य सहकारी समितियों के माध्यम से वैश्विक मानकों के अनुरूप भारत में गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन को बढ़ाना है, जिससे बीजों के आयात पर निर्भरता कम हो, कृषि उत्पादन में वृद्धि हो और बीज उत्पादक किसानों की आय में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले। इसके प्रमोटर्स में IFFCO, KRIBHCO, NAFED, NDDB और NCDC शामिल हैं।
ये तीनों समितियाँ कृषि एवं संबंधित गतिविधियों से जुड़े लोगों का विकास सुनिश्चित करेंगी और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के माध्यम से किसानों से कृषि उपज और बीज खरीदेंगी। इससे PACS और मजबूत होंगे क्योंकि किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य मिलेगा। इसके साथ ही समितियाँ यह भी सुनिश्चित करेंगी कि नेट सरप्लस यानी शुद्ध अधिशेष पर मुनाफा सीधे किसानों के खातों में पहुँचे।
BBSSL, NCOL और NCEL के लिए एक अलग कार्यालय भवन का उद्घाटन देश के सहकारिता क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। यह किसानों के लिए लगातार आय सुनिश्चित करने के लिए तीनों समितियों का सुचारू कामकाज सुनिश्चित करेगा, जो अंततः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "सहकार से समृद्धि" के विजन को साकार करने में मदद करेगा।