
सड़क हादसा (File Photo)
पंजाब के अमृतसर में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। एक प्राइवेट बस की छत पर सवार करीब 15 युवकों के साथ BRTS (बस रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम) के बढ़े हुए लेंटर से टक्कर हो गई, जिसमें 3 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 2 नाबालिग बताए जा रहे हैं। एक अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल है, जबकि दो अन्य का इलाज चल रहा है।
हादसा उस समय हुआ जब बस तरनतारन के बाबा बुड्ढा साहिब गुरुद्वारा से मुक्तसर साहिब की ओर करीब रात 9 बजे रवाना हुई। बस अल्फा वन (अब नेक्सस मॉल) के सामने से गुजर रही थी। ट्रैफिक जाम से बचने के लिए ड्राइवर ने वाहन को BRTS लेन में डाल दिया। पेट्रोल पंप के सामने बने BRTS स्टेशन से गुजरते हुए बस की छत पर बैठे तीन युवक स्टेशन के निचले लेंटर से टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
वहां पर मौजूद लोगों के मुताबिक, बस मुक्तसर से अमृतसर के गुरुद्वारा बाबा बुद्धा साहिब की यात्रा पर निकली थी। ओवरलोड होने के कारण कुछ श्रद्धालु बस की छत पर बैठे हुए थे। रात करीब 10 बजे जब बस BRTS लेन से गुजरी, तो ऊंचाई का आकलन न करने के कारण छत पर बैठे यात्री स्टेशन के कंक्रीट एलिवेशन से जोरदार तरीके से टकरा गए। टक्कर इतनी तेज थी कि तीन श्रद्धालु नीचे गिर पड़े और मौके पर ही दम तोड़ दिया। बाकी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह था कि ड्राइवर को टक्कर की जानकारी ही नहीं हुई और वह बस चलाता रहा। अमृतसर निवासी नितिन ने बताया, "बस सामान्य स्पीड पर चल रही थी। मैंने दूर से देखा कि कुछ युवक गिरे हैं। तारां वाला पुल के पास मैंने बस को घेर लिया और ड्राइवर को रोका। तब जाकर सबको हादसे का पता चला।" नितिन की तत्परता से घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
मृतकों की पहचान मुक्तसर जिले के रामगढ़ निवासी गुरसिमरनदीप सिंह, सिकंदर सिंह और सतिंदर सिंह के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायल खुशविंदर सिंह की हालत नाजुक बनी हुई है। तीन अन्य यात्रियों का इलाज चल रहा है।
मुक्तसर से आए परिवारों में सन्नाटा पसर गया है। मृतकों के परिजनों ने बस ऑपरेटर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। एक परिजन ने कहा, "हम धार्मिक यात्रा पर थे, लेकिन इस तरह की लापरवाही ने हमें सब कुछ छीन लिया। सरकार को ऐसी बसों पर तत्काल रोक लगानी चाहिए।"
Updated on:
07 Oct 2025 09:25 am
Published on:
07 Oct 2025 09:25 am
