2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

353 करोड़ के भ्रष्टाचार के मामले में जांच शुरू, केजरीवाल ने आतिशी से मांगी रिपोर्ट, जानें पूरा मामला

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भूमि अधिग्रहण मामले में अनियमितता को लेकर मंत्री आतिशी से रिपोर्ट मांगी है।

2 min read
Google source verification
arvind.jpg

दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद सतर्कता मंत्री आतिशी से रिपोर्ट मांगी है। नरेश कुमार पर आरोप लगाया गया है कि एक सड़क परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के लिए अनुमानित कीमत से काफी अधिक मुआवजा दिया गया है। आज मुख्य सचिव के बेटे को 315 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाने का आरोप लगाने वाली शिकायत भेजे जाने के एक दिन बाद, आतिशी ने इस मामले को लेकर जांच शुरू की है। सतर्कता मंत्री आतिशी ने कथित भ्रष्टाचार से संबंधित सभी फाइलें भी मांगीं। बता दें कि द्वारका एक्सप्रेसवे के लिए बामनोली गांव में भूमि अधिग्रहण से संबंधित सभी फाइलें आज शाम 7 बजे तक आतिशी को सौंपी जानी हैं और उन्होंने दोनों विभागों को यह भी निर्देश दिया है कि इस केस से संबंधित कोई भी फाइल पास न की जाए।


पूरा मामला

इस भ्रष्टाचार के संबंध में 24 अक्टूबर को नरेश कुमार की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई थी। इसके बाद सीएम ने इस मामले की विस्तृत जांच के लिए शिकायत सतर्कता मंत्री को भेज दी है। इससे पहले, दिल्ली एचसी ने द्वारका एक्सप्रेसवे पर दक्षिण पश्चिम दिल्ली के बामनोली गांव में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के मामले में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) हेमंत कुमार द्वारा जारी 300 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन को रद्द कर दिया था, और उन्हें पद से निलंबित कर दिया गया था।

बता दें कि 2013 बैच के आईएएस अधिकारी व दक्षिण पश्चिम दिल्ली के जिलाधिकारी ने अपने कार्यकाल के दौरान एनएचएआई द्वारा 19 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा राशि 41.5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 353.8 करोड़ रुपये कर दी थी। अदालत ने माना कि यह कई सिद्धांतों का घोर उल्लंघन करते हुए जारी किया गया था और इसमें पेटेंट संबंधी अनियमिताएं भी शामिल थीं। जिस कारण सरकार पर 312.3 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।