दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मंत्रियों और 10 विधायकों के साथ शुक्रवार को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन केजरीवाल ने उपराज्यपाल के न्योते को ठुकरा दिया है।
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के बीच सत्ता के नियंत्रण को लेकर खींचतान चल रही है। इसी बीच उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके कैबिनेट मंत्रियों और 10 विधायकों के साथ LG हाउस आकर मिलने के लिए आमंत्रित किया है। राज निवास के अधिकारियों ने गुरुवार यानी आज बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से शुक्रवार (27 जनवरी 2023) शाम 4 बजे एक बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया गया था, जिसमें उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी और आम आदमी पार्टी के 10 विधायक शामिल थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उपराज्यपाल के निमंत्रण पर केजरीवाल की ओर से कहा गया है कि "धन्यवाद एलजी सर। मैं कल पंजाब जा रहा हूं। हम माननीय उपराज्यपाल से बैठक के लिए एक और समय देने का अनुरोध कर रहे हैं।"
कई मुद्दों पर केजरीवाल और उपराज्यपाल बीच है टकराव
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल के बीच लगातार कई मुद्दों को लेकर टकराव जारी है, जिसमें सबसे प्रमुख दिल्ली की सत्ता पर नियंत्रण है। हाल ही में विधानसभा में बोलते हुए केजरीवाल ने उपराज्यपाल पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने टीचर्स और प्रिंसिपल्स को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड जाने वाली फाइल वापस भेजने के लिए राज्यपाल पर निशाना साधते हुए कहा था कि "वैसे तो हमारी चुनी हुई सरकार है, मैं मुख्यमंत्री हूं, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने कह दिया कि टीचर्स फिनलैंड जाएंगे ट्रेनिंग के लिए तो बस। ये फाइनल होना चाहिए, यही तो जनतंत्र है और जनतंत्र क्या है? लेकिन यहां अजीव जनतंत्र है, सारी फाइले LG साहब के पास जाती हैं और LG साहब ने एक बार नहीं बल्कि दो बार ऑब्जेक्शन करके फाइल को वापस भेजा। जब बार ऑब्जेक्शन लगाया और अब तीसरी बार भेजेंगे तो फिर से ऑब्जेक्शन लगाएंगे। इसका मतलब है कि आपनी नियत खराब है।"
केजरीवाल ने विधायकों के साथ उपराज्यपाल के खिलाफ किया था पैदल मार्च
टीचर्स और प्रिंसिपल्स को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड भेजने के मुद्दे पर ही अरविंद केजरीवाल ने 16 जनवरी को AAP के विधायकों के साथ पैदल मार्च निकाला था। उन्होंने उपराज्यपाल पर सभी काम में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की कोई वैल्यू नहीं है। एलजी साहब ये सारे काम कैसे रुकवा सकते हैं। मेरी एलजी से अपील है कि संविधान और सुप्रीम कोर्ट को मानें।