
Myanmar soldiers
म्यांमार में सेना (म्यांमार जुंटा) और विद्रोही गुटों के बीच चल रहा सशस्त्र संघर्ष रुकने की जगह गंभीर होता जा रहा है। इस हिंसा की वजह से म्यांमार में स्थिति काफी बिगड़ गई है। म्यांमार में विद्रोही गुटों की बगावत से सैन्य शासन को चुनौती भी मिल रही है। ऐसे में दोनों पक्ष एक- दूसरे पर हमले कर रहे हैं। इन हमलों से म्यांमार के लोगों में डर का माहौल है। म्यांमार में स्थिति बिगड़ने की वजह से लोग अपनी जान बचाने के लिए भारत में घुस रहे हैं। पर सिर्फ म्यांमार के लोग ही नहीं, बल्कि सैनिक भी भारत में घुस रहे हैं और इनकी संख्या भी बढ़ रही है।
मिजोरम में ली शरण
म्यांमार में चल रहे संघर्ष के बीच अब तक म्यांमार के करीब 600 सैनिक भारत में घुस चुके हैं और मिजोरम में शरण ली है। मिजोरम की बॉर्डर म्यांमार से लगती है। म्यांमार में इन सैनिकों के कैम्प्स पर विरोधियों ने कब्ज़ा कर लिया था और इस वजह से जान बचाने के लिए उन्हें मिजोरम आना पड़ा, जहाँ लॉन्गतलाई जिले में असम राइफल्स के कैम्प्स में म्यांमार के इन सैनिकों ने शरण ले रखी है।
मिज़ोरम सरकार ने केंद्र से मांगी मदद
राज्य में इस तरह के हालातों को देखते हुए मिजोरम सरकार ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने देश के गृह मंत्री अमित शाह से बात की है और उन्हें स्थिति के बारे में जानकारी दी है। लालदुहोमा ने शाह को बताया कि म्यांमार के सैनिक शरण के लिए उनकी बॉर्डर पार करके आ रहे हैं और उनकी मदद भी की जा रही है, पर उनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है और यह राज्य के लिए सही नहीं है क्योंकि इससे तनाव की स्थिति बढ़ सकती है। ऐसे में लालदुहोमा ने शाह से मदद मांगते हुए म्यांमार के सभी सैनिकों को मिजोरम से भेजने के लिए मदद मांगी है।
Published on:
20 Jan 2024 01:32 pm

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