
Ashok Kharat Arrest (Image: Viral on X)
Ashok Kharat ED Arrest Money Laundering: प्रवर्तन निदेशालय ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात को 70 करोड़ रुपए के बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पहले से ही बलात्कार और धोखाधड़ी के संगीन आरोपों में नासिक जेल में बंद खरात को ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत के प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लिया। अदालत ने इस महाजालसाज को 26 मई तक के लिए ईडी की रिमांड पर भेज दिया है।
ईडी के मुताबिक, खरात ने तंत्र-मंत्र, अंधविश्वास और मौत का डर दिखाकर श्रद्धालुओं से करोड़ों रुपए की उगाही की और उस काली कमाई से लग्जरी कारें, आलीशान फार्महाउस खरीदे तथा विदेशों की सैर की। जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि खरात ने धार्मिक हेरफेर और अंधविश्वास के जरिए एक पीड़ित से 5.6 करोड़ रुपये और दूसरे से 3.8 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम वसूली।
वह रिमोट-कंट्रोल से चलने वाले नकली सांपों, बाघ की खाल और इमली के बीजों को 'चमत्कारी' बताकर लोगों में खौफ पैदा करता था। इस तरह जुटाई गई 70 करोड़ रुपये से अधिक की 'अपराध की कमाई' को खरात ने 60 बेनामी बैंक खातों और को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटियों के एक मकड़जाल के जरिए ठिकाने लगाया। नासिक और अहिल्यानगर जिलों में खरात के खिलाफ दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद ईडी ने 6 अप्रैल को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत यह मामला दर्ज किया था।
खरात ने अहिल्यानगर जिले की समता नागरी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी में अलग-अलग लोगों के दस्तावेजों का उनकी जानकारी के बिना इस्तेमाल कर 60 बेनामी खाते खुलवाए। शातिर बाबा ने इन सभी खातों में अपना मोबाइल नंबर लिंक किया और खुद को ही 'नॉमिनी' बना दिया। इन खातों के जरिए करीब 47.74 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। नियमों से बचने के लिए सारे ट्रांजैक्शन 2 लाख रुपए से कम के रखे जाते थे।
Updated on:
21 May 2026 04:14 am
Published on:
21 May 2026 04:14 am
