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Assembly Elections: जम्मू-कश्मीर में दिलचस्प होगा बहुकोणीय मुकाबला, जानिए पूरा समीकरण

Assembly Elections: जम्मू-कश्मीर में दस साल बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। परिसीमन के बाद यहां सात सीट बढ़ने से सीटों की संख्या 90 हो गई है।

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Assembly Elections: जम्मू-कश्मीर में दस साल बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। परिसीमन के बाद यहां सात सीट बढ़ने से सीटों की संख्या 90 हो गई है। छह सीट जम्मू तो एक सीट कश्मीर घाटी में बढ़ी है। इस बार भी यहां चुनाव बहुकोणीय होता दिख रहा है। भाजपा, कांग्रेस, पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख तौर पर मुकाबले में दिखेंगी। हर पार्टी का असर अलग-अलग क्षेत्रों में स्पष्ट तौर पर दिखता है। इनके अलावा कई छोटी-बड़ी पार्टियां चुनावी मैदान में उतर कर समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं। सबसे खास बात यह है कि इस बार किसी भी दल का अब तक किसी से गठबंधन नहीं हुआ है। चारों प्रमुख दल अकेले चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो चुनाव बेहद दिलचस्प हो सकता है। वहीं, भाजपा के लिए मुस्लिम वोट में सेंध लगाने की सबसे बड़ी चुनौती है।

घाटी में मुफ्ती-अब्दुल्ला परिवार का दबदबा

घाटी में कुल 47 सीटें है, जहां मुफ्ती और अब्दुल्ला परिवार का दबदबा माना जाता है। यह चुनाव इन दोनों परिवारों के भविष्य का फैसला भी करेगा। प्रदेश की सत्ता हासिल करने के लिए इन दोनों परिवारों को इस इलाके में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ जम्मू की 43 सीटों पर भी सेंधमारी करनी होगी। अभी तक दोनों परिवार अकेले चुनाव में उतरने की बात कह रहे हैं। ऐसे में इन सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों पर सबकी नजर होगी। कांग्रेस का वोट बैंक भी लगभग इन दोनों दलों के जैसा ही है।

जम्मू: भाजपा मजबूत, कांग्रेस से होगा मुकाबला

हिंदू बाहुल्य जम्मू क्षेत्र में भाजपा की पकड़ मजबूत मानी जाती है। यहां सीटों की संख्या 37 से बढक़र 43 होने से भाजपा को फायदा मिल सकता है। बढ़ी हुई सीटों को हिन्दू बाहुल बताया जा रहा है। हाल में होकर चुके लोकसभा चुनाव में भाजपा ने दो सीटों पर चुनाव जीता है। वहीं यहां कांग्रेस टक्कर में रहती आई है। यदि नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के यहां उम्मीदवार खड़ा करने से कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। जबकि भाजपा को फायदा मिल सकता है।

एक नजरः जम्मू-कश्मीर

कुल सीट- 90
एसटी-9
एससी-7
मतदान केंद्र- 11,839
मतदाता- 87.09 लाख
महिला- 42.62 लाख
फर्स्ट टाइम- 3.71 लाख
युवा मतदाता (20-29 साल)-20.7 लाख

चुनाव कार्यक्रम

पहला चरण- 24 सीट
अधिसूचना- 20 अगस्त
नामांकन - 27 अगस्त तक
नामांकन की जांच- 28 अगस्त
नाम वापसी - 30 अगस्त
मतदान- 18 सितंबर
मतगणना- 4 अक्टूबर

दूसरा चरण- 26 सीट

अधिसूचना - 29 अगस्त
नामांकन- 05 सितंबर तक
नामांकन की जांच- 06 सितंबर
नाम वापसी - 09 सितंबर
मतदान 25 सितंबर
मतगणना- 04 अक्टूबर

तीसरा चरण- 40 सीट

अधिसूचना- 05 सितंबर
नामांकन- 12 सितंबर तक
नामांकन की जांच-13 सितंबर
नाम वापसी- 17 सितंबर
मतदान- 01 अक्टूबर
मतगणना- 04 अक्टूबर

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