
Bangladeshi Villagers Attacked on BSF Jawans in West Bengal, two army men serious
Bangladeshi Attack on BSF Jawans: भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ता आम तौर पर मधुर ही रहता है। 1971 में पाकिस्तान से बांग्लादेश को आजादी भारत के सहयोग से ही मिली थी। बांग्लादेश की हुकूमत लगभग अधिकांश मौके पर भारत सरकार के साथ ही होती है। लेकिन दोनों देशों के इस मधुर रिश्ते में कड़वाहट घुलने वाली एक घटना पश्चिम बंगाल से सामने आई है। जहां बांग्लादेशियों ने भारतीय जवानों पर हमला कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार भारत-बांग्लादेश इंटरनेशनल बॉर्डर पर भारतीय किसानों की सुरक्षा में ड्यूटी कर रहे BSF जवानों पर बांग्लादेशी ग्रामीणों और बदमाशों ने हमला कर दिया। इस हमले में दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इनके सिर पर गंभीर चोट आई है। हमलावरों ने जवानों के हथियार भी छीन लिए गए। जवानों पर बांग्लादेशियों द्वारा हमले की पुष्टि बीएसएफ ने ट्वीट करते हुए की है।
बीएसएफ ने ट्वीट करते हुए दी घटना की जानकारी-
हमले के बारे में BSF ने बताया कि घटना रविवार को बंगाल फ्रंटियर के बेरहामपुर सेक्टर में बनी निर्मलचर पोस्ट 35 बटालियन के इलाके में हुई। BSF ने अपने ट्विटर पर घायल जवानों की फोटो भी शेयर की हैं। BSF ने इस मामले को बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) के सामने उठाया और फ्लैग मीटिंग बुलाई है, ताकि हमलावरों से जवानों के हथियार बरामद किए जा सकें और ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की घटना-
यह घटना पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की है। यह क्षेत्र बांग्लादेश की सीमा से लगता है। घटनास्थल वाले निर्मलचर गांव के लोगों का आरोप है कि बांग्लादेशी किसान फसलों को नुकसान पहुंचाने के लिए अपने मवेशियों को जानबूझकर भारतीय क्षेत्र में छोड़ देते हैं। फिर मवेशियों के बहाने भारतीय सीमा में भी अवैध तरीके से आ जाते हैं। किसानों की शिकायत पर BSF ने यहां अस्थायी चौकी बनाई है।
किसानों के साथ बदमाश भी घुसे, रोके जाने पर किया हमला-
स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना वाले दिन किसानों के बीच बदमाश भी घुसे। जिसे बीएसएफ के जवानों ने भारतीय सीमा में आने से रोक दिया। देखते ही देखते बांग्लादेश से आए सौ से ज्यादा किसानों और उनके बीच घुसे बदमाशों ने भारतीय सीमा में घुसकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जवानों पर हमला कर दिया। इसके बाद वापस भाग गए। BSF ने रानीताला थाने में FIR भी दर्ज कराई है।
इससे पहले भी हो चुके हैं जवानों पर हमले-
साउथ बंगाल फ्रंटियर के एक प्रवक्ता ने बताया कि जब तस्कर और अपराधियों को सीमा पार अपनी अवैध गतिविधियों में सफलता नहीं मिलती है तो वे जवानों पर हमला कर देते हैं। पहले भी जवानों पर बदमाशों और उनके साथियों ने हमला किया है, लेकिन जवान उन्हें उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देते। पश्चिम बंगाल के बांग्लादेशी सीमा से सटे इलाकों से मवेशियों के साथ-साथ अन्य चीजों की तस्करी होती है।
Published on:
27 Feb 2023 03:10 pm

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