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मुस्लिम छात्र को आतंकवादी बताया, बेंगलुरु की यूनिवर्सिटी में बड़ा विवाद, प्रोफेसर सस्पेंड

Bangalore PES University Student Harassment: बेंगलुरु की PES यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर पर मुस्लिम छात्र को अपमानजनक और सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप में सस्पेंड किया गया है। देखें वायरल वीडियो।

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मुस्लिम छात्र को आतंकी करार (AI Image)

Bangalore PES University Viral Video: बेंगलुरु की जानी-मानी PES यूनिवर्सिटी में एक गंभीर विवाद उभरकर आया है, जहां एक प्रोफेसर पर सांप्रदायिक और अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगा है। यह पूरा मामला तब वायरल हुआ जब एक स्टूडेंट द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

क्या है पूरी घटना?

बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब अफ्फान नाम का एक मुस्लिम स्टूडेंट क्लास से बाहर जाने की परमिशन मांग रहा था। तभी क्लास में मौजूद प्रोफेसर डॉ. मुरलीधर देशपांडे ने कथित तौर पर बेहद आक्रामक और अनुचित प्रतिक्रिया दी।

वीडियो में क्या?

वीडियो में साफ नजर आता है कि प्रोफेसर ने न सिर्फ अफ्फान को अपमानजनक शब्द कहे, बल्कि पूरी क्लास के सामने उसे आतंकवादी जैसे कड़े शब्द कहे। इसके अलावा प्रोफेसर ने विवादस्पद टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे लोगों की वजह से ईरान युद्ध जैसे हालात बनते हैं, और उन्होंने अफ्फान के लिए यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप आकर उसे ले जाएंगे। वीडियो में आगे यह भी सुना जा सकता है कि प्रोफेसर ने छात्र से कहा कि वह नरक में जाएगा, जो कई छात्रों को मानसिक रूप से आहत करने वाला रहा।

छात्रों में गुस्सा और आक्रोश

प्रोफेसर की कथित टिप्पणियों का वीडियो रिकॉर्ड होने के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यूनिवर्सिटी प्रशासन पर दबाव भी बढ़ गया है।

प्रोफेसर सस्पेंड

PES यूनिवर्सिटी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई करते हुए डॉ. मुरलीधर देशपांडे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है, जब तक कि मामले की अधिकारिक जांच पूरी नहीं हो जाती।

NSUI ने दर्ज कराई FIR

इस घटना को लेकर NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। NSUI ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और स्थानीय पुलिस से मांग की है कि प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, सार्वजनिक रूप से माफी दिलवाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी छात्र के साथ ऐसा व्यवहार दोबारा न हो।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, और यूजर्स इसे छात्रों के अधिकारों के उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं। भारत में शिक्षा संस्थानों में सांप्रदायिक टिप्पणी और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल विवादों को और बढ़ा रहा है।