
Bharat Bandh 2024: अनुसचित जाति और जनजाति को लेकर उच्चतम न्यायालय के आए फैसले के विरोध में आज कई संगठनों ने भारत बंद का एलान किया है। इस बंद के कई राजनीति पार्टियों ने भी समर्थन दिया है। बंद का ऐलान करते हुए इन संगठनों ने कहा है कि आज भी वह पीछे हैं और उन्हें निजी संस्थानों में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में उच्चतम न्यायालय के क्रीमीलेयर वाले निर्णय का वह विरोध करते हैं। इसके कारण आज पूरे देश में बंद रखेंगे। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए इन संगठनों ने अपने मांग की एक सूची भी जारी की है।
भारत बंद का आह्वान करने वाले सभी संगठनों का कहना है कि उच्चतम न्यायालय अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। राष्ट्रीय दलित संगठन परिसंघ ने कहा है कि सरकारी नौकरियों में एससी/एसटी/ओबीसी कर्मचारियों के जाति पर आधारित डेटा जारी किया जाए। बहुजन समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मायावती, सपा मुखिया अखिलेश यादव, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद सहित कांग्रेस कई नेताओं का समर्थन बंद को प्राप्त है।
यह था उच्चतम न्यायालय का फैसला
उच्चतम न्यायालय ने एससी और एसटी आरक्षण के बारे में फैसला देते हुए कहा था कि इनमें भी वर्गीकरण की अब आवश्यकता है। सभी एससी और एसटी जातियों को आरक्षण का समान लाभ नहीं मिल रहा है। इस मामले पर न्यायालय ने उदाहरण देते हुए बताया कि सीवर की सफाई और बुनकर का काम करने वाले है।फिर भी इन दोनों की जातियां एससी में आती हैं लेकिन इस जाति के लोग बाकियों से अधिक भी पिछड़े हुए हैं। न्यायलय ने कहा कि सभी के उत्थान के लिए राज्य सरकार वर्गीकरण कर सकती हैं। यह संविधान के आर्टिकल-341 के खिलाफ नहीं है लेकिन मनमर्जी के साथ नहीं कर सकती हैं।
यह रहेगा बंद
भारत बंद के दौरान बाजार में असर दिखाई दे सकता है। किसी भी सरकार ने बंद को लेकर अधिकारिक रूप से कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया है। सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध पुख्ता किए गए हैं। सभी बाजारों और सड़क पर प्रदर्शन के कारण परिवहन सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं। कार्यालयों में भी असर दिखाई दे सकता है।
यह सेवाएं रहेंगी जारी
सभी आपातकालीन सेवांओं को जारी रखा जाएगा। अस्पताल, पुलिस, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन की टीम तैनात रहेगी। बैंक और सरकारी कार्यालय बंद रखने का कोई आदेश नहीं है। ऐसे में यह सभी कार्यालय भी खुले रहेंगे।
Published on:
21 Aug 2024 07:46 am

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