
अदाणी ग्रुप और गूगल की ओर से गुरुवार को रिन्यूएबल एनर्जी में साझेदारी का ऐलान किया गया। इसका उद्देश्य सतत लक्ष्य को पाने के लिए आगे बढ़ना और नेशनल ग्रिड में अधिक स्वच्छ ऊर्जा को जोड़ना है। इस करार के तहत अदाणी ग्रुप की ओर से गुजरात के खावड़ा के रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट में स्थित नए सोलर-विंड हाइब्रिड प्रोजेक्ट से स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति की जाएगी।
कंपनी के बयान के मुताबिक, नए प्रोजेक्ट से कमर्शियल ऑपरेशन 2025 की तीसरी तिमाही में शुरू हो सकते हैं। अदाणी ग्रुप के पास विंड, सोलर, हाईब्रिड और एनर्जी स्टोरेज में एक बड़ी क्षमता है, जो ग्रुप को रिन्यूएबल एनर्जी के कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को ऊर्जा की आपूर्ति करने में सक्षम बनाता है। इससे वे अपने कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। ग्रुप की योजना मर्चेंट, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित करने की है, जिससे इंडस्ट्रीज की डिकार्बनाइजेशन में मदद की जा सके।
कंपनी ने कहा कि यह साझेदारी गूगल को भारत में क्लाउड सर्विसेज और ऑपरेशन को जारी रखते हुए 24x7 के उसके कार्बन-फ्री एनर्जी के लक्ष्य को पाने में मदद करेगी। इस साझेदारी का ऐलान 'गूगल फॉर इंडिया' पहल के 10 साल पूरे होने पर किया गया। दिग्गज टेक कंपनी की ओर से कहा गया कि हम एनर्जी सॉल्यूशंस के लिए अदाणी ग्रुप के साथ साझेदारी कर रहे हैं। इससे भारत में गूगल क्लाउड सर्विसेज के डिकार्बनाइजेशन में मदद मिलेगी। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल), भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक है। एजीईएल की ओर से गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट विकसित किया जा रहा है। इसकी कुल क्षमता 30 गीगावाट की है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बात पर लगातार जोर दे रहे हैं कि स्वच्छ ऊर्जा में परिवर्तन लाना, हरित ऊर्जा निवेश के संकेन्द्रण में असंतुलन को दूर करने जैसे प्रमुख मुद्दों के समाधान पर निर्भर करता है।
Updated on:
03 Oct 2024 11:21 pm
Published on:
03 Oct 2024 04:55 pm

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