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High Court का बड़ा फैसला सहकारी बैंक कर्मियों की नहीं लग सकती चुनाव ड्यूटी

'तानाशाही नहीं कि संस्थानों पर सरकार का पूर्ण नियंत्रण हो', सहकारी बैंककर्मियों की नहीं लग सकती चुनाव ड्यूटी- कोर्ट
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सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने को सही ठहराते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि हम देश में तानाशाही व्यवस्था में नहीं रहते जहां किसी खास कानूनी प्रावधान के बिना सभी संस्थाओं पर सरकार का पूर्ण नियंत्रण हो।

जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग (ईसी) के उस तर्क को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की कि चुनाव कर्तव्यों के लिए सहकारी बैंकों के कर्मचारियों की मांग की जा सकती है। दो केंद्रीय सहकारी बैंक के कर्मचारियों ने याचिकाएं दायर कर ईसी के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें कर्मचारियों को लोकसभा चुनाव में ड्यूटी करने को कहा गया था।

कोर्ट ने कहा कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 159 ईसी को चुनाव के लिए उन संस्थानों के लोक सेवकों की मांग करने में सक्षम बनाती है जो केंद्र या राज्य सरकार के अधीन हों या उनके द्वारा नियंत्रित और वित्त पोषित हों। अदालत ने माना कि संबंधित सहकारी बैंक केंद्र या राज्य सरकार से वित्त पोषित या नियंत्रित नहीं है।09:03 AM

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