
बिहार के बांका में मोबाइल चार्जर में करंट लगने के कारण युवक की मौत। ( प्रतीकात्मक फोटो: AI)
Mobile Charger Electrocution Death: अक्सर लोग मोबाइल को चार्जर पर लगा कर छोड़ देते हैं और यह भी नहीं देखते कि चार्जर सही है या नहीं, या कहीं पिन गड़बड़ तो नहीं है अथवा करंट(Bihar Electrocution Case) तो नहीं आ रहा है। बिहार के बांका जिले (Banka Charger Accident) में एक ऐसा ही एक हादसा हुआ, जिसे सुन कर हर कोई सन्न रह गया। जानकारी के अनुसार 29 साल का अमरेंद्र कुमार रात में अपने कमरे में अकेले पढ़ाई कर रहा था। मोबाइल की बैटरी लो दिखने पर उसने चार्जर लगाया। बस एक पल में तेज करंट दौड़ा (Mobile Charger Electrocution Death) और अमरेंद्र फर्श पर गिर पड़ा। जब तक घर वाले कुछ समझ पाते, बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने सदर अस्पताल में उसे मृत (Mobile Charger Death) घोषित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक घटना बाराहाट थाना क्षेत्र के बभनगामा गांव की है। शनिवार की रात करीब 10-11 बजे का वक्त रहा होगा। अमरेंद्र हमेशा की तरह अलग कमरे में पढ़ाई कर रहा था। मोबाइल चार्ज करने के लिए उसने पुराना चार्जर प्लग में लगाया। अचानक जोर का झटका लगा और वह चीख भी नहीं पाया। कमरे में अकेला होने की वजह से कोई तुरंत मदद के लिए नहीं पहुंच सका। जब परिजनों ने दरवाजा खोला तो अमरेंद्र फर्श पर बेहोश पड़ा हुआ था। उसके हाथ-पैर नीले पड़ चुके थे।
परिवार वाले उसे फौरन बाराहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत बांका सदर अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। अस्पताल पहुँचते-पहुँचते डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह इलेक्ट्रिक शॉक बताई गई है।
अमरेंद्र घर का इकलौता बेटा था। माता-पिता ने उसे पढ़ा-लिखा कर बड़ा अफसर बनते हुए देखने का सपना संजोया था। उसकी शादी की बात भी चल रही थी। लेकिन एक पल में सब खत्म हो गया। जब शव घर लाया गया तो गांव में मातम छा गया। मां बार-बार बेहोश हो रही थी। पिता कुछ बोल ही नहीं पा रहे थे। पड़ोसी भी रोते-रोते घर पहुंचे।
बाराहाट थाना प्रभारी ने बताया, “प्रथम दृष्टया मामला मोबाइल चार्जर से करंट लगने का लग रहा है। पुराना चार्जर था, वायरिंग भी खराब हो सकती है। हमने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम भी जांच करेगी कि आखिर करंट कैसे लगा।'' पुलिस ने बताया कि कमरे में अर्थिंग भी ठीक नहीं थी, जिसकी वजह से करंट का झटका और खतरनाक हो गया।
गौरतलब है कि पिछले 2-3 बरसों के दौरान बिहार-झारखंड में मोबाइल चार्जर और ईयरफोन से करंट लगने के कारण 15 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। ज्यादातर मामलों में पुराना चार्जर, नकली एडॉप्टर, गीले हाथ या खराब वायरिंग जिम्मेदार रही है। गांवों में अर्थिंग का इंतजाम भी नहीं होता, जिससे छोटा सा शॉक जान ले लेता है।
हमेशा ओरिजनल और ISI मार्क वाला चार्जर इस्तेमाल करें।
चार्ज करते समय फोन को हाथ में न लें, खासकर बिस्तर पर।
गीले हाथ या पैर से चार्जर कभी न छुएं।
घर की वायरिंग और अर्थिंग जरूर चेक करवाएं।
पुराना या फटा हुआ चार्जर तुरंत फेंक दें।
चार्जर लगा कर सोना सबसे खतरनाक है।
फोन चार्ज करते वक्त बच्चों को दूर रखें।
Updated on:
29 Nov 2025 08:11 pm
Published on:
29 Nov 2025 08:10 pm
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