1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीतामढ़ी में बनेगा सीता माता का मंदिर, बिहार सरकार ने 883 करोड़ की योजना को दी मंजूरी

बिहार के सीतामढ़ी जिले में भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं के निर्माण के लिए 882.87 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दे दी गई है। यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

2 min read
Google source verification

पटना

image

Devika Chatraj

Jul 01, 2025

बिहार में सीता मंदिर का निर्माण (@NitishKumar)

बिहार के सीतामढ़ी जिले में माता सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम को अयोध्या की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार, 1 जुलाई 2025 को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में पुनौराधाम में माता सीता के भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं के निर्माण के लिए 882.87 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दे दी गई है।

तीर्थस्थल के रूप में विकसित करना

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय रोजगार सृजित करना और मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करना है। पुनौराधाम को माता सीता की जन्मस्थली माना जाता है, और इस प्रोजेक्ट के तहत इसे विश्वस्तरीय तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर शेयर की जानकारी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा, "मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम, सीतामढ़ी को समग्र रूप से विकसित करने हेतु भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं के निर्माण की योजना को आज कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। मैंने अगस्त महीने तक इसका शिलान्यास कराने का निर्देश दिया है।"

योजना के प्रमुख बिंदु

भव्य मंदिर निर्माण: माता सीता को समर्पित मंदिर को अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर बनाया जाएगा। मंदिर का डिज़ाइन पहले ही तैयार हो चुका है, और इसके निर्माण के लिए ‘श्री जानकी जन्मभूमि पुनौरा धाम मंदिर न्यास’ का गठन किया गया है।

पर्यटन और सुविधाएं: परियोजना में सीता वाटिका, लव-कुश वाटिका, परिक्रमा पथ, थीम आधारित गेट, पार्किंग क्षेत्र, और पर्यटकों के लिए आवास व खान-पान की व्यवस्था शामिल है। मंदिर परिसर में 3डी एनिमेशन शो और बच्चों के लिए विशेष प्ले एरिया भी विकसित किया जाएगा।

आर्थिक प्रभाव: इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिलेगा।

बजट और समयसीमा: 882.87 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास अगस्त 2025 तक होने की उम्मीद है, और इसे दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

ट्रस्ट का गठन: बिहार सरकार ने इस परियोजना के लिए नौ सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे। यह समिति मंदिर निर्माण और क्षेत्र के समग्र विकास की जिम्मेदारी संभालेगी।

पर्यटन को बढ़ावा

यह परियोजना न केवल धार्मिक महत्व की है, बल्कि बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सीतामढ़ी के पुनौराधाम में माता सीता के भव्य मंदिर का निर्माण बिहारवासियों के लिए गर्व का विषय है।

यह भी पढ़ें - गुजरात को बड़ी सौगात, नमो शक्ति एक्सप्रेसवे और सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी