वित्त विभाग ने कहा कि प्रति परिवार प्रति माह 100 यूनिट फ्री बिजली देने के किसी भी प्रस्ताव को सहमति नहीं दी है। उन्होंने कहा कि मीडिया व सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर भ्रामक है।
बिहार सरकार (Bihar Government) के वित्त विभाग (Finance Department) ने साफ कर दिया है कि प्रति परिवार प्रति माह 100 यूनिट फ्री बिजली (Free Electricity) देने के किसी भी प्रस्ताव को सहमति नहीं दी है। वित्त विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मीडिया में चलाई जा रही 100 यूनिट फ्री बिजली की खबर झूठी व भ्रामक है।
दरअसल, शनिवार सुबह खबर आई थी कि राज्य सरकार फ्री बिजली योजना लाने जा रही है। इसका लाभ प्रदेश के सभी परिवारों को मिलेगा। ऊर्जा विभाग ने 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का प्रस्ताव तैयार किया है। जिसे वित्त विभाग की तरफ से हरी झंडी मिल गई है। नए योजना के तहत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक बिजली के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा, लेकिन यदि खपत 100 यूनिट से अधिक होती है तो अतिरिक्त यूनिट के लिए सामान्य दरों पर शुल्क देना होगा।
सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने बिहार विधानसभा सत्र के दौरान कहा था कि हम राज्य के लोगों को मुफ्त में नहीं बल्कि सस्ती दरों पर बिजली देने के पक्षधर हैं। हम लोगों को सबसे कम दर पर बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए हम सब्सिडी दे रहे हैं। मुफ्त में बिजली देने की बात उचित नहीं है।
बिहार (Bihar) में 1.11 करोड़ लोगों के खाते में 1227 करोड़ रुपए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत भेजे गए। हर लाभार्थियों के खाते में अब 1100 रुपए जमा होंगे। पिछले महीने नीतीश सरकार (Nitish Government) ने दिव्यांग, विधवा और बुजुर्गों की पेंशन (Pension) 400 रुपए हर महीने से बढ़ाकर 1100 रुपए की घोषणा की थी।
चुनावी बरस में नीतीश सराकर ने ग्रामीण इलाकों में विवाह भवन बनाने का फैसला लिया है। नीतीश सरकार राज्य के 8 हजार से अधिक पंचायतों में विवाह भवन का निर्माण कराएगी। इस योजना को विवाह मंडप योजना का नाम दिया गया है। इसके लिए सरकार ने 40 अरब 26 करोड़ 50 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। बताया जा रहा है कि इन विवाह भवनों का संचालन जीविका दीदी करेंगी।
नीतीश सरकार ने महिलाओं के लिए डोमिसाइल पॉलिसी लागू कर दी है। अब सराकरी नौकरियों में महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा। अन्य प्रदेशों की महिलाओं को जनरल कैटेगरी में जोड़ा जाएगा। बता दें कि पहले बाहरी राज्यों की महिलाओं को भी 35% आरक्षण का लाभ मिलता था। अब सिर्फ बिहार की महिलाओं को फायदा मिलेगा।