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Bihar News: पूर्व डिप्टी सीएम सहित 10 बीजेपी नेताओं की VIP सुरक्षा वापस, केंद्र सरकार ने लिया फैसला

बिहार भाजपा के नेताओं को अग्निपथ योजना के विरोध में मिली धमकियों और खुफिया रिपोर्ट्स को देखते हुए गृह मंत्रालय ने इन 10 नेताओं को वाई श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया था। गृह मंत्रालय ने 18 जून 2022 को ही इन 10 नेताओं को वाई श्रेणी की सुरक्षा देने का ऐलान किया था। अब सरकार ने इन 10 नेताओं की वीआईपी सुरक्षा वापस ले ली है।

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Archana Keshri

Sep 11, 2022

Y category security of 10 leaders including Bihar BJP president and Former Deupty CM back

Y category security of 10 leaders including Bihar BJP president and Former Deupty CM back

बिहार भाजपा के 10 नेताओं को मिली Y श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने बिहार बीजेपी के इन 10 नेताओं की सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया है। केंद्र सरकार की ओल से सेना में भर्ती को लेकर अग्निपथ योजना शुरू की गई थी। इस योजना के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा के नेता निशाने पर थे और ऐसे हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने बिहार में कुछ नेताओं को VIP सुरक्षा दी थी। अब केंद्र सरकार ने इन नेताओं से Y श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया है।


अग्निपथ योजना के विरोध में जून महीने में बिहार सहित देश भर में युवाओं का भारी विरोध देखने को मिला था। बिहार की तत्कालीन उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, बिहार भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल सहित कई भाजपा नेताओं के घरों और भाजपा कार्यालयों को भीड़ ने निशाना बनाया था। जमकर तोड़फोड़ और उत्पात मचाने के दौरान भाजपा नेता निशाने पर रहे थे। इसी के बाद 18 जून को केंद्र सरकार ने अचानक से बिहार भाजपा के 10 नेताओं को वाई श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराने की घोषणा की थी।


अग्निपथ विरोध के दौरान हुए आंदोलन में प्रदर्शनकारियों ने कई जगह भाजपा के कार्यालय और पार्टी के नेताओं के घर को निशाना बनाया था। कुछ नेताओं को इस दौरान धमकियां भी मिली थीं। नेताओं को मिल रही धमकियों और खुफिया रिपोर्ट्स को देखते हुए मंत्रालय ने इन नेताओं को Y श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया था। इसके तहत नेताओं की सुरक्षा में सीआरपीएफ जवानों को तैनात किया गया था। उस दौरान नीतीश सरकार में शामिल रहने के बाद भी भाजपा नेताओं ने बिहार पुलिस पर भरोसा नहीं जताया था।


उस दौरान कुछ भाजपा नेताओं ने पुलिस पर भीड़ को न रोकने के आरोभ भी लगाए। केंद्र सरकार द्वारा नीतीश की पुलिस पर भरोसा नहीं करते हुए भाजपा नेताओं की सुरक्षा में सीआरपीएफ जवानों को तैनात करने और उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा देने पर जोरदार बहस देखने को मिली थी। इसे एक प्रकार से भाजपा को नीतीश की पुलिस पर भरोसा नहीं होने से जोड़कर देखा गया था। केंद्र सरकार द्वारा नीतीश की पुलिस पर भरोसा नहीं करते हुए भाजपा नेताओं की सुरक्षा में सीआरपीएफ जवानों को तैनात करने और उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा देने पर जोरदार बहस देखने को मिली थी।


अग्निपथ के दौरान भाजपा नेताओं को निशाना बनाया जा रहा था इसलिए उस समय बिहार भाजपा के नेताओं को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। लेकिन अब बदली परिस्थति में उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई है। ऐसे में अब भाजपा नेताओं के साथ वही सुरक्षाबल दिखेंगे जो उनकी श्रेणी के हिसाब से बिहार पुलिस देती है। यानी कि अब विपक्ष में होते हुए भी भाजपा नेताओं की सुरक्षा फिर से बिहार पुलिस के हवाले होगी।

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