आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉफ्रेंस में बीजेपी पर दिल्ली की सरकार को गिराने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आप विधायकों को धमकी मिल रही है। विधानसभा में नो कॉन्फिडेंस मोशन लाने की तैयारी की जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी पर दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार को गिराने को गंभीर आरोप लगा है। यह आरोप आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने लगाया है। शनिवार को राघव चड्ढा ने आप मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉफ्रेंस में बीजेपी पर कई हमले किए। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा में 'नो कॉन्फिडेंस मोशन' लाकर केजरीवाल सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा गया। चड्ढा ने कहा कि दिल्ली सरकार को गिराने के लिए भाजपा ने 'आप' विधायकों को दो विकल्प दिए हैं। पहला बीजेपी में आ जाओ या दूसरा ईडी-सीबीआई जेल में डाल देगी। 'आप' के पास 62 और बीजेपी के पास 8 विधायक हैं। लेकिन बीजेपी विधायक खरीदकर सरकार गिराना चाहती है। उन्होंने मनीष सिसोदिया के साथ हो रहे बर्ताव को लेकर भी बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा।
सिसोदिया का ये हाल तो तुम्हारा क्या करेंगे-
राघव चड्ढा के मुताबिक विधायकों को धमकी मिल रही है कि अगर मनीष सिसोदिया का ये हाल कर सकते हैं फिर तुम तो सिर्फ विधायक हो। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने एमपी से लेकर महाराष्ट्र तक सरकारें गिराई हैं। उसी तरह 'आप' विधायकों को डराकर केजरीवाल सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी आंदोलन की कोख से जन्मी है। बीजेपी अपनी नापाक कोशिशें बंद कर दे।
हमारे विधायक टूटने वाले नहीं, पहले भी हो चुकी कोशिश-
उन्होंने कहा कि दिल्ली में 2013, 2015, 2020 और 2022 में भी कई बार हमारे विधायकों को खरीदने की कोशिश की गई थी, लेकिन हमारे एक विधायक को भी नहीं तोड़ पाए। आम आदमी पार्टी कांग्रेस पार्टी नहीं है, जिसके विधायक डर या प्रलोभन के चलते अपनी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो जाएं। आम आदमी पार्टी आंदोलन की कोख से जन्मी हुई पार्टी है।
मात्र 8 विधायक के दम पर नो कॉन्फिडेंस मोशन की तैयारी-
राघव चड्ढा ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में कहा कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली विधानसभा में नो कॉन्फिडेंस मोशन लाना चाहती है। दिल्ली में 70 विधायकों की विधानसभा है। किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 70 में से कम से कम 36 विधायक चाहिए होते हैं। जिस पार्टी के 70 में से 36 विधायक होते हैं, उसी की सरकार होती है।
आम आदमी पार्टी के 70 में से 62 विधायक हैं और बीजेपी के मात्र 8 विधायक हैं। यानी कि करीब 90 फीसद मेजोरिटी आम आदमी पार्टी के साथ है। सदन में 10 फीसद सीटें बीजेपी के पास है। लेकिन इन सीटों की बदौलत भारतीय जनता पार्टी दिल्ली विधानसभा में नो कॉन्फिडेंस मोशन लाकर केजरीवाल सरकार गिराना चाहती है।
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