
Tirumala Tirupati Devasthanam
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश सरकार ने 'तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम' (Tirumala Tirupati Devasthanam) के लिए 81 सदस्यीय जंबो बोर्ड का गठन किया है। यह तिरुमाला (Tirumala) में भगवान बालाजी के मंदिर (श्री वेंकटेश्वर मंदिर) का संचालन करेगा। बोर्ड में अध्यक्ष के अलावा 24 नियमित और चार पदेन सदस्यों के साथ-साथ 52 विशेष आमंत्रित नामित किए गए हैं। टीटीडी ट्रस्ट का नया बोर्ड केंद्रीय कैबिनेट से भी बड़ा है। कैबिनेट में प्रधानमंत्री समेत 78 सदस्य हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट के पास 9,000 किलोग्राम शुद्ध सोना जमा है। दान में मिला 7,235 किलो सोना देश के दो बैंकों में जमा है और करीब 1,934 किलो सोना खजाने में रखा है। सोने के खजाने में भक्तों की ओर से चढ़ाई गई 553 किलो छोटी ज्वैलरी और अन्य आइटम शामिल हैं।
तिरुपति बालाजी मंदिर में रोज 50 हजार से 1 लाख श्रद्धालु आते हैं। सालाना ब्रह्मोत्सवम और त्योहारों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर रोजाना 4-5 लाख हो जाती है। भक्त सोना, चांदी, कैश, जमीन के कागजों के अलावा कंपनियों के शेयर भी चढ़ावे में रखते हैं। हुंडी कलेक्शन या दान से मंदिर हर साल 1000 से 1200 करोड़ रुपए की कमाई करता है। मंदिर के 12,000 करोड़ से ज्यादा रुपए अलग-अलग बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा हैं। बैंकों में रखे सोने से मंदिर को ब्याज में 100 किलो से ज्यादा सोना हर साल मिलता है। आंध्र प्रदेश सरकार ने जंबो बोर्ड के गठन को लेकर तीन अलग-अलग आदेश जारी किए। इनमें कहा गया कि बोर्ड का गठन टीटीडी के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, पर्यावरणीय चरित्र को संरक्षित करने और तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं व आम जनता के कल्याण के सिद्धांतों का पालन करने के लिए किया गया है।
दान पाने में दुनिया का सबसे अमीर मंदिर-
आंध्र प्रदेश का तिरुपति मंदिर भारत का दूसरा सबसे अमीर मंदिर है, जबकि दान प्राप्ति के मामले में यह दुनिया का सबसे अमीर मंदिर है। मंदिर भगवान वेंकटश्वर को समर्पित है, जिन्हें विष्णु का अवतार माना जाता है। मंदिर समुद्र तल से 2800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसकी मासिक आय 200 से 220 करोड़ रुपए है।
पूरे देश में 1128 अचल संपत्तियां -
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के पास देश में 1128 अचल संपत्तियां हैं, जो 8,088.89 एकड़ जमीन पर फैली हुई हैं। इनमें से 233 कृषि भूमि 2,085.41 एकड़ व शेष 895 एसेट्स गैर कृषि भूमि हैं। मंदिर में मूर्तियां कई सौ करोड़ की हीरा जडि़त स्वर्ण ज्वैलरी और एंटीक्स से सुसज्जित हैं।
Published on:
18 Sept 2021 12:45 pm
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