
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के खिलाफ राज्य के छात्रों में आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। 13 दिसंबर को हुई परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। आयोग की तरफ से मांग को सिरे से खारिज कर दिया गया है। राजधानी पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकाारियों छात्रों पर वाटर कैनन और हल्के बल का भी इस्तेमाल किया। इसके बाद छात्रों में रोष बढ़ता जा रहा है। आज के लिए बिहार बंद और चक्का जाम का ऐलान किया गया है। राजनीतिक दलों की ओर से भी इसका समर्थन किया जा रहा है।
बिहार बंद को लेकर छात्रों या राजनीतिक दलों की ओर से किसी प्रकार घोषणा नहीं की गई है। लें अगर ऐसा होता है तो बंद के दौरान बिहार में रेल समेत अन्य सार्वजनक परिवहन सेवाओं पर असर देखने को मिल सकता है। प्रदर्शनकारी बड़े स्तर पर बस, रेलवे जैसे ट्रांसपोर्ट सुविधाओं को बाधित कर सकते हैं।
बिहार बंद के दौरान अस्पताल और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी। बैंक दफ्तर और सरकारी कार्यालय बंद रखने संबंधी अभी तक कोई आदेश सरकार की तरफ से नहीं आया है। इसलिए माना जा रहा है कि बुधवार को बैंक और सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे।
छात्र–युवाओं द्वारा आयोजित चक्का जाम को माले का समर्थन मिल रहा है। विधायक संदीप सौरभ ने लिखा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस मामले में पत्र लिखकर पुनर्परीक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पूरी परीक्षा रद्द करके फिर से आयोजित की जानी चाहिए क्योंकि पूरी परीक्षा ही अनियमितता और गड़बड़ी की शिकार है। भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि बीपीएससी अभ्यर्थियों के चल रहे आन्दोलन के प्रति सरकार का दमनात्मक और अड़ियल रवैया निंदनीय है। हमारी मांग है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करे और पीटी परीक्षा अविलंब रद्द करे।
तेजस्वी यादव ने पूरे मामले में छात्रों को समर्थन दिया है। साथ ही उन्होंने जनसुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर पर इशारों में बड़ा हमला किया है। तेजस्वी ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग आंदोलन को हाई जैक करना चाहते हैं। तेजस्वी ने कहा- "कुछ लोग सबसे आगे होने की बात कह रहे थे लेकिन जब पिटाई हो रही थी तो वही भाग खड़े हुए।"
Updated on:
30 Dec 2024, 11:07 AM IST
Published on:
30 Dec 2024, 11:07 AM IST
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