
देश के 77 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर सरकार ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कर्मयोगियों को सम्मानित करने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी निस्वार्थ भक्ति और कर्तव्य निभाने वाले कर्मचारियों को उनके परिवारों के साथ लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह देखने के लिए आमंत्रित किया है।
50 प्रतिष्ठित कर्मयोगी बनेंगे सरकार के मेहमान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के प्रतिष्ठित लाल किले में 77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के 50 प्रतिष्ठित 'कर्मयोगी' अपने जीवनसाथी के साथ विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे।
1800 लोगों को भेजा गया न्योता
सरकार ने "विशेष अतिथियों" की एक सूची जारी की है, जिन्हें लाल किले पर कार्यक्रम के लिए निमंत्रण भेजा है, जहां प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। उनमें से 1800 में पूरे भारत के 'विभिन्न क्षेत्रों' के लोग हैं, जिन्होंने देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस आमंत्रण में वाइब्रेंट विलेजेज' के सरपंच, शिक्षक, नर्स, किसान, मछुआरे, नई दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के निर्माण में योगदान देने वाले मजदूर, खादी (हाथ से बुने हुए कपड़े) क्षेत्र के श्रमिक, राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले स्कूल शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा सीमा सड़क संगठन के कर्मचारी, और अमृत सरोवर' और 'हर घर जल योजना' परियोजनाओं में शामिल रहे लोगों को निमंत्रण भेजा गया है।
10वीं बार लाल किले से झंडा फहराएंगे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी कल 10 वीं बार लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे। वह लगातार 10 बार झंडा फहराने वाले दूसरे प्रधानमंत्री होंगे। वहीं लाल किले पर सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराने वाले प्रधानमंत्रियों की लिस्ट में मोदी चौथे नंबर पर आ गए। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 17 बार लाल किले से झंडा फहराया था। दूसरे नंबर पर उनकी बेटी इंदिरा गांधी हैं, जिन्हें 16 बार यह मौका मिला। जबकि मनमोहन सिंह (10 बार) तीसरे नंबर पर हैं। वहीं 10 बार झंडा फहराकर प्रधानमंत्री मोदी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बराबर आ जाएंगे।
Published on:
14 Aug 2023 01:11 pm

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