2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Jharkhand Politics: चंपई के शपथ पर लग सकता है ग्रहण, INDIA गठबंधन के विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट करने की तैयारी

Jharkhand Politics: झारखंड मुक्ति मोर्चा की तरफ से चपंई सोरेन को गठबंधन दल का नेता चुन लिया गया है। साथ ही उन्होंने राज्यपाल को कथित 47 विधायकों का समर्थन पत्र भी सौंप दिया है।

2 min read
Google source verification
 Champai's oath may be eclipsed, preparation to shift MLAs of INDIA alliance to Hyderabad

हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और ED के गिरफ्त में जाने के बाद झारखंड में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि झारखंड मुक्ति मोर्चा की तरफ से चपंई सोरेन को गठबंधन दल का नेता चुन लिया गया है। साथ ही उन्होंने राज्यपाल को कथित 47 विधायकों का समर्थन पत्र भी सौंप दिया है। लेकिन अभी तक राज्यपाल की तरफ से न्यौता नहीं मिला है। वहीं, सूबे में विपक्ष की सक्रियता से गठबंधन में डर का माहौल बन रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सत्ता दल के विधायकों को नई सरकार बनने तक हैदराबाद शिफ्ट करने की तैयारी है।

हमारे पास 47 विधायकों का समर्थन

सोरेन सरकार में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता चंपई सोरेन के जेएएम विधायक दल का नेता चुने के बाद उन्होंने बुधवार देर शाम राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमने राज्यपाल से मिलकर 47 विधायकों के समर्थन से नई सरकार बनाने का दावा पेश किया है।”

दिल्ली से रांची पहुंचा चार्टर्ड विमान

सत्तारुढ़ गठबंधन के विधायकों को अब हैदराबाद शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि INDIA करीब 35 विधायक किसी भी तरह की तोड़फोड़ से बचने के लिए आज ही हैदराबाद भेजे जाएंगे। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से चार्टर्ड विमान के जरिए विधायक हैदराबाद जाएंगे। विमान लाने की कई कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब कल सुनवाई करेगा।

भाजपा का दावा गठबंधन के 17 विधायक गायब

वहीं, इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा दावा किया है, गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि गठबंधन के पास बहुमत नहीं है। सीएम सोरेन की तरफ से बुलाई गई बैठक में 17 विधायक नहीं पहुंचे। राज्यपाल को प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए सिफारीश कर देनी चाहिए।

ये भी पढ़ें: किसी ने विदाई तो किसी ने बताया चुनावी बजट, अंतरिम बजट पर जानें विपक्ष की प्रतिक्रिया

Story Loader