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Chandrayaan-3: चांद पर प्रज्ञान की सेंचुरी, हर कदम पर विक्रम की नजर, रोवर को लेकर ISRO का लेटेस्ट अपडेट जानिए

Chandrayaan-3 Latest Update: चंद्रयान-3 मिशन से जुड़ी हर गतिविधि पर ISRO द्वारा अपडेट साझा किया जा रहा है।आज प्रज्ञान रोवर ने चांद की सतह पर 100 मीटर की दूरी तय की।

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Chandrayaan-3 Latest Update: अगस्त और सितंबर महीने में देश के लिए अंतरिक्ष के क्षेत्र दो खुशखबरी आई। स्पेस क्षेत्र में भारत रोज नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। आज सुबह 11:50 बजे इसरो ने पहला सौर मिशन 'Aditya L-1' लॉन्‍च किया। इसके कुछ ही देर बाद, इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन को लेकर बड़ी खुशखबरी दी। इसरो ने बताया कि प्रज्ञान रोवर ने 100 मीटर की दूरी तय तय कर ली है। अब वह लैंडिंग साइट 'Shiv Shakti Point' पर मौजूद विक्रम लैंडर से 100 मीटर से ज्यादा की दूरी पर है और पूरी कंट्रोल के साथ आगे भी बढ़ रहा है।


यह मिशन क्यों महत्वपूर्ण था

अब तक भारत किसी दूसरे ग्रह या उसके उपग्रह पर कोई रोवर लैंड नहीं करवाया है। चंद्रयान 3 हमारे इसी सपने को पूरा किया है। ये मिशन ISRO के आने वाले कई दूसरे बड़े मिशन के लिए रास्तों को खोलेगा। इससे विश्व पटल पर भारत का साख अंतरिक्ष के मामले में और बढ़ेगा। भारत के भविष्य के लिए यह मिशन काफी महत्वपूर्ण है। बता दें कि अब तक अमरीका, रूस और चीन को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैन्डिंग में सफलता मिली है।

सॉफ्ट लैन्डिंग का अर्थ होता है कि किसी भी सैटलाइट को किसी लैंडर से सुरक्षित सही स्थान पर उतारें और वो अपना काम सही रूप से करने लगे। चंद्रयान-2 को भी इसी तरह चन्द्रमा की सतह पर उतारना था, लेकिन आख़िरी क्षणों में यह संभव नहीं हो पाया। दुनिया भर के 50 प्रतिशत से भी कम मिशन हैं, जो सॉफ्ट लैंडिंग होने में कामयाब रहे हैं।

इस मिशन के तीन मुख्य उद्देश्य

(1)चंद्रयान-3 के लैंडर की सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग का प्रदर्शन करना।
(2)रोवर को चांद की सतह पर चला कर दिखाना।
(3)लैंडर और रोवर की मदद से साइंटिफिक जांच-पड़ताल करना।

चंद्रमा पर ये चार काम करेगा चंद्रयान-3

1-मून पर पड़ने वाली रोशनी और रेडिएशन का अध्ययन करेगा।
2-मून की थर्मल कंडक्टिविटी और तापमान की स्टडी करेगा।
3-लैंडिंग साइट के आसपास भूकंपीय गतिविधियों की स्टडी करेगा।
4-प्लाज्मा के घनत्व और उसमें हुए बदलावों को स्टडी करेगा।

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