
Gen Z New Year Party: नए साल का जश्न मात्र कुछ घंटे दूर है। लोग नए साल की तैयारियों में जुटे हैं। लेकिन युवा और किशोर में अब नया चलन देखने को मिल रहा है। वह पार्टियों में मस्ती तो करना चाहते हैं लेकिन शराब से दूर रहना चाहते हैं। ऐसे में अब जनरेशन जेड (1997 से 2012 के बीच जन्मे लोग) के बीच नॉन-अल्काहॉलिक पार्टियों का चलन बढ़ा है। खास बात है कि बाजार में भी बहुत सारे नॉन अल्काहॉलिक पेय उपलब्ध हैं। इसे गैर-अल्कोहलिक स्पिरिट्स या जीरो प्रूफ स्पिरिट के नाम से जाना जाता है। ये जीरो प्रूफ ड्रिंक आपके दूसरे नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक जैसे जिंजर एले, सोडा या मॉकटेल से अलग होते हैं। ये सभी डिस्टिलेशन, वनस्पति पदार्थों के मिश्रण और फ्लेवर का उपयोग कर उन्नत तकनीक से बनाए जाते हैं ताकि एक परिष्कृत पेय का अनुभव प्रदान कर सकें।
युवाओं का कहना है कि कोरोना के दौरान बुरे अनुभव और सेहत के ख्याल के कारण आदत बदल गई है। इन पेय में शराब जैसा स्वाद तो होता है लेकिन इनमें कैलोरी बहुत कम होती है। इसके साथ ही शराब से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभाव और हैंगओवर भी नहीं होते हैं।
स्टैटिस्टा के अनुसार जेनरेशन जेड पिछली पीढिय़ों की तुलना में शराब पर काफी कम खर्चा कर रहा है। बूमर्स, जेनरेशन एक्स और मिलेनियल्स ने 2022 में शराब पर 1.96 लाख करोड़ रुपए 2.13 लाख करोड़ रुपए खर्च किए। वहीं जेनरेशन जेड ने सिर्फ 25618 करोड़ रुपए खर्च किए।
Published on:
30 Dec 2024 07:39 am
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