
मां अक्सर गुस्से में कहती है- बच्चा तो बिल्कुल बाप पर चला गया... और जब पिता गुस्सा होता है तो बच्चे के बहाने मां की सारी कमियां गिना देता है। हालांकि 1994 से अब तक भारत समेत एशिया, अमरीका और यूरोप के करीब 18 वैज्ञानिक शोध कहते हैं कि बच्चों को बुद्धिमत्ता मां से विरासत में मिलती है। पिता से मिलता है गुस्सा, जल्दबाजी और बेवजह टेंशन लेने की आदत। कैंब्रिज विश्वविद्यालय के 2016 के अध्ययन के बाद फरवरी 2024 में ग्लासगो मेडिकल रिसर्च काउंसिल सोशल एंड पब्लिक हेल्थ साइंसेज यूनिट ने अपने अध्ययन में इसकी पुष्टि की है। हालांकि 40 से 60 प्रतिशत बुद्धिमत्ता ही वंशानुगत होती है बाकी परिवार के माहौल, स्कूल, आस-पास के वातावरण, दोस्तों की आदतों आदि से भी प्रभावित होती है।
बच्चों में बुद्धि के लिए एक्स क्रोमोसोम जिम्मेदार
शोध में कहा गया कि बच्चों में बुद्धि के लिए एक्स क्रोमोसोम जिम्मेदार होता हैं। चूंकि महिलाओं में दोनों ही क्रोमोसोम एक्स होते हैं इसलिए बच्चोंं को मां से विरासत में बुद्धिमत्ता मिलने की संभावना पिता से दो गुना ज्यादा होती है। पुरुषों में एक क्रोमोसोम एक्स और एक वाई होता है। पुरुषों में पाया जाने वाला वाई क्रोमोसोम जल्दबाजी, गुस्सा और छोटी-छोटी बातों में टेंशन आदि से जुड़ा होता है। इसलिए पिता की तरफ से बच्चों को विरासत में यही मिलता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, बुद्धिमत्ता का मतलब पढ़ाई-लिखाई या डिग्री-डिप्लोमा से नहीं बल्कि समस्या के समाधान के लिए धैर्य के साथ स्मार्ट सोच से जुड़ा है।
मां से लगाव तो कठिन कार्य भी सरल
मिनेसोटा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन बच्चों को अपनी मां से गहरा लगाव था उनमें दो साल की उम्र में ही जटिल प्रतीकात्मक खेल खेलने की क्षमता विकसित हो गई। वे लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहे और समस्या निवारण में कम निराश दिखे। ऐसे बच्चों में सामान्य बच्चों की अपेक्षा जीतने की इच्छा के साथ समस्याओं को सुलझाने की क्षमता ज्यादा देखी गई।
दुलार मस्तिष्क विकास में कारगर
वाशिंगटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने खुलासा किया कि मां का प्यार मस्तिष्क के कुछ हिस्सों के विकास के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। शोधकर्ता सात वर्षों तक अध्ययन के बाद निष्कर्ष पर पहुंचे कि मां से बच्चे का भावनात्मक संबंध मानसिक खुराक की तरह होता है। अध्ययन में 13 साल की उम्र तक के ऐसे बच्चों में 10 फीसदी बौद्धिक विकास अधिक पाया गया।
वाई क्रोमोसोम से मानसिक रोग
जर्मनी के उल्म विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क क्षति में शामिल जीनों का अध्ययन किया और पाया कि पुरुषों में जल्दबाजी, अति सक्रियता, सामान्य बात पर गुस्सा या टेंशन के लिए वाई क्रोमोसोम जिम्मेदार है। यही वजह है कि पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा 30 फीसदी मानसिक बीमारियां अधिक होती हैं।
35 साल की माओं के बच्चे ज्यादा बुद्धिमान
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी के नए अध्ययन में 30 वर्ष या उससे कम उम की माताओं की अपेक्षा 35 वर्ष से अधिक उम्र वाली माताओं के बच्चों में अधिक बुद्धिमत्ता पाई गई। शोध में 35 से 39 साल की माताओं के बच्चों ने स्कूल या अन्य प्रतियोगिताओं में अधिक अंक अर्जित किए। हालांकि इन बच्चों मेंं बीमार होने का प्रतिशत ज्यादा पाया गया।
Published on:
11 Feb 2024 09:47 am

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