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दो भाषाएं बोलने वाली माताओं के बच्चे दूसरों के मुकाबले ज्यादा समझदार

भाषा का प्रभाव : अध्ययन में देखी गईं चार माह के बच्चों की मस्तिष्क गतिविधियां, विभिन्न भाषाओं के बीच अंतर भी कर सकते हैं नवजात शिशु

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दो भाषाएं बोलने वाली माताओं के बच्चे दूसरों के मुकाबले ज्यादा समझदार

दो भाषाएं बोलने वाली माताओं के बच्चे दूसरों के मुकाबले ज्यादा समझदार

लंदन. कहते हैं कि माता-पिता के बोलने का बच्चे पर असर पड़ता है। एक नए शोध में खुलासा हुआ है कि द्विभाषी माताओं के बच्चे अधिक समझदार होते हैं। दो भाषाएं बोलने वाली माताओं के बच्चे एक भाषा बोलने वाली माताओं के बच्चे की तुलना में ध्वनियों के जवाब में मस्तिष्क में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देते हैं।

इस खोज से पता चलता है कि कई भाषाओं को सुनना जन्म से पहले ही भाषा अधिग्रहण के लिए मस्तिष्क के विकास को प्रभावित करना शुरू कर सकता है। खास बात यह है कि नवजात शिशु आवाज सुनने के बाद विभिन्न भाषाओं के बीच अंतर भी कर सकते हैं। शोध से खुलासा होता है जन्म से पूर्व ध्वनियां मस्तिष्क पर असर डालती हैं। शोधकर्ताओं ने द्विभाषी घरों में पले-बढ़े चार महीने के शिशुओं में मस्तिष्क गतिविधियों के अलग-अलग पैटर्न देखे। अब वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कई भाषाओं के साथ शुरुआती अनुभव इन शिशुओं में कौशल के विकास को कैसे प्रभावित कर सकता है।

मस्तिष्क के पैटर्न में दिखता है बदलाव

शोधकर्ताओं ने बताया कि द्विभाषी माताओं के बच्चे कई आवाजों के प्रति अधिक संवदेनशील हो जाते हैं। इस कारण वह अधिक प्रतिक्रिया देते हैं। यह उनके मस्तिष्क के पैटर्न में होने वाले बदलाव से साफ दिखाई देता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि द्विभाषी की आवाज एक भाषी माता की तुलना में अधिक जटिल होती है। इससे बच्चों का मस्तिष्क आवाज की जटिलता पर प्रतिक्रिया देने लगता है।

अभी शोध की और जरूरत

शोधकर्ताओं ने कहा कि यह शोध जन्मपूर्व अवाज के अनुभवों के प्रभावों का खुलासा करता है। इससे शिशु के भाषा को सीखने के विकास के बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी। इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

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