
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर बिहार एनडीए में सोमवार को सीटों का बंटवारा फाइनल हो गया। सीट बंटवारे के बाद बीजेपी 17, नीतीश कुमार की जेडीयू 16, चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) 5, उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा और जीतन राम मांझी की हम एक-एक सीट पर चुनाव लड़ेंगी। बिहार में सीटों के बंटवारे का ऐलान होते ही लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जमुई से सांसद चिराग पासवान ने हाजीपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हाजीपुर सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पांरपरिक सीट रही है। फिलहाल इस सीट से लोजपा के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस सांसद हैं। बता दें कि पशुपति पारस रामविलास पासवान के छोटे भाई हैं।
हाजीपुर सीट को लेकर है चाचा भतीजा में विवाद
बता दें कि हाजीपुर सीट को लेकर केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस और चिराग पासवान के बीच पुरानी अदावत है। रामविलास पासवान के निधन के बाद से ही दोनों नेता इस सीट पर अपना-अपना दावा करते आ रहे हैं। पशुपति खुद इस सीट से सांसद हैं। इस वजह से वह इस सीट को अपना मानते हैं। वहीं, पिता की पारंपरिक सीट होने के नाते चिराग इसे अपना बताते हैं।
मोदी के हनुमान हैं चिराग
वहीं, बिहार की राजनीति पर नजर रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार बताते हैं, ‘बीजेपी आलाकमान यह बात अच्छे से जानता हैं कि बिहार में चिराग के पास खुद का वोट बैंक है। वहीं, सूबे की राजनीति में पशुपति को बिना वोट बैंक का नेता माना जाता हैं। कहा जाता है कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग ने बीजेपी आलाकमान के संकेत के बाद एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ा था और नीतीश कुमार का अच्छा खासा नुकसान किया था। चिराग भी कई मौकों पर खुद को पीएम मोदी का हनुमान बता चुके हैं।
Updated on:
18 Mar 2024, 8:40 PM IST
Published on:
18 Mar 2024, 6:40 PM IST
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