
भारत के मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई (फोटो- एएनआई)
भारत के मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक वकील ने कथित तौर पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद सीजेआई की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने जिस कोर्ट में सीजेआई मामलों की सुनवाई करते है उसकी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया है। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं न हो इसके मध्यनजर सीजेआई की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। दिल्ली पुलिस ने सीजेआई के कोर्ट के बाहर दो अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए है।
सीजेआई को दिल्ली पुलिस का सुरक्षा विभाग Z-प्लस श्रेणी की सुरक्षा देता है लेकिन इसके बावजूद कोर्ट में उन पर हमला होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा की अध्यक्षता में मंगलवार को एक बैठक रखी गई और उसके बाद यह कदम उठाए गए। इस मीटिंग में दिल्ली पुलिस के सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल थे।
सोमवार को यह घटना तब हुई जब सीजेआई, जस्टिस के विनोद चंद्रन के साथ एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। तभी अचानक राकेश किशोर नामक एक वकील मंच के पास गया और उसने जूता निकाल कर सीजेआई पर फेंकने की कोशिश की। हालांकि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे सीजेआई पर हमला करने से पहले ही रोक लिया और कोर्ट से बाहर कर दिया। 3 घंटे की पूछताछ के बाद उस वकील को छोड़ दिया था क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों ने उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं कराया था।
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस की सुरक्षा डिवीज़न के एक सीनियर अफ़सर ने बुधवार को एक अंदरूनी आदेश जारी करते हुए वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को ऐसे ख़तरों के लिए तैयार रहने की निर्देश दिए। इसमें वीवीआईपी लोगों का सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान खास ध्यान रखने को भी कहा गया। इसके अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारियों को अपने सुरक्षा दलों और निजी सुरक्षा अधिकारियों को अधिक सतर्क और चौकन्ना रहने को कहना होगा।
Updated on:
10 Oct 2025 12:34 pm
Published on:
10 Oct 2025 12:34 pm
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