रिहाई के अगले दिन यानी आज राकेश किशोर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वो सीजेआई की हरकत पर मेरी प्रतिक्रिया थी। वकील ने 16 सितंबर को कोर्ट में दायर एक PIL का सीजेआई द्वारा मजाक उड़ाने और जाओ और मूर्ति से प्रार्थना करो और उसे अपना सिर वापस लगाने को कहो, जैसे बयान देने का जिक्र करते हुए कहा कि, जब हमारे सनातन धर्म से जुड़ा कोई मामला आता है, तो सुप्रीम कोर्ट ऐसे आदेश देता है। याचिकाकर्ता को राहत मत दो, लेकिन उसका मज़ाक भी मत उड़ाओ। वकील ने आगे कहा, मैं दुखी था, मैं नशे में नहीं था, यह सीजेआई की हरकत पर मेरी प्रतिक्रिया थी। वकील ने कहा कि मैं डरा हुआ नहीं हूं और जो हुआ उसका मुझे कोई अफसोस नहीं है। आरोपी वकील ने यह भी कहा कि, सीजेआई को अपने पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए बयान देने चाहिए।