जम्मू और कश्मीर के अनुच्छेद 370 पर हो रही सुनवाई सांसद अकबर लोन पर भारी पड़ गई है। सुनवाई के दौरान सांसद अकबर लोन के कृत्य पर मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ सहित संवैधानिक बेंच के सभी न्यायाधीश खफा नजर आए।
जम्मू और कश्मीर के अनुच्छेद 370 पर हो रही सुनवाई सांसद अकबर लोन पर भारी पड़ गई है। सुनवाई के दौरान सांसद अकबर लोन के कृत्य पर मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ सहित संवैधानिक बेंच के सभी न्यायाधीश खफा नजर आए। सभी इस बात से गुस्से में थे कि भारत के संप्रभुता की शपथ लेने वाला सांसद जम्मू कश्मीर विधानसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगा रहा था।
सभी न्यायाधीशों ने लोन की तरफ से पेश वकील कपिल सिब्बल से कहा कि सांसद को इसके लिए माफी मांगनी होगी। इस मामले में कपिल सिब्बल ने साफ कहा कि उन्होंने गलत किया है। न्यायालय कार्रवाई कर सकता है। इसके बाद पांच न्यायाधीशों की बेंच ने आदेश दिया कि अकबर लोन से लिखित रूप में मंगलवार तक भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लें।
सभी न्यायाधीशों ने कहा कि"अकबर लोन बिना शर्त स्वीकार करें कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। वह भारत के संविधान का पालन करते हैं। उसके प्रति निष्ठा रखते हैं।" न्यायाधीशों ने यह भी कहा कि जब लोन की बारी आएगी। उनका भी बयान लिया जाएगा।
11 फरवरी को लगाया था नारा
सांसद अकबर लोन पर आरोप है कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए थे। इस मसले में रूट इन कश्मीर संगठन ने 11 फरवरी को प्रकाशित एक अखबार की रिपोर्ट की प्रति कोर्ट में प्रस्तुत की। इसमें लिखा है कि जब भाजपा के विधायकों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए थे तो इसके बाद लोन ने भी पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए और माफी मांगने से इंकार कर दिया। लोन 2002 से 2018 तक विधानसभा के सदस्य रहे।
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