
कर्नाटक में मई में विधानसभा चुनाव हुआ था, इस चुनाव में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को हराकार सत्ता पर कब्जा किया। सूबे में सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री के पद को लेकर कांग्रेस के दो दिग्गज नेता डी के शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बीच रस्सा कस्सी तेज हो गई। हालांकि कांग्रेस हाईकमान के दखल के बाद मामला शांत हुआ और सिद्धारमैया CM और शिवकुमार उनके डिप्टी बनें। लेकिन सूबे में अभी भी CM की कुर्सी को लेकर सुगबुगाहट है।
दरअसल, कुछ दिनों पहले ही राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि मैं ही प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं और अगले पांच साल तक रहूंगा। इसके पीछे कारण था कि राज्य के कई मंत्री और विधायक CM से नाराज है और डीके शिवकुमार के पक्ष में माहौल बनाने में लगे हुए है। हालांकि इन सबके बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने खुद को मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार बताया है।
मैं CM बनने के लिए पूरी तरह से तैयार
कर्नाटक के आईटी मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे शुक्रवार को पत्रकारों के सवाल का जवाब दे रहे थे। इस दौरान एक पत्रकार ने उनसे राज्य में मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम के बीच चल रही अनबन पर सवाल उठाते हुए उनसे मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर सवाल पूछा।
इस सवाल के जवाब में प्रियांक ने कहा कि सिद्धारमैया को सीएम बने रहना चाहिए और डीके शिवकुमार को सीएम बनना चाहिए। यह उनका निजी बयान है। आलाकमान तय करेगा कि किसे सीएम बनना चाहिए और किसे मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहिए। अगर आलाकमान कहे तो मैं सीएम बनने के लिए तैयार हूं। वहीं, अगर पार्टी हाईकमान मुझसे मुख्यमंत्री बनने के बारे में पूछता है तो उनका जवाब हां होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर लगाया आरोप
इस बीच बीते सोमवार को प्रियांक खरगे ने भाजपा पर राज्य की सिद्धारमैया सरकार को गिराने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश ईकाई को कांग्रेस सरकार गिराने के लिए को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 1000 करोड़ रुपए मिले हैं। खरगे ने यह बात मांड्या के कांग्रेस विधायनक रविकुमार गनिगा के उस आरोप पर कही, जिसके मुताबिक भाजपा की टीम ने उन समेत चार कांग्रेस विधायकों से संपर्क किया था। इन सभी को पार्टी बदलने के बदले 50 करोड़ कैश और मंत्री पद देने की बात कही गई थी।
सिद्धा के चेहरे पर झलकी नाराजगी
दूसरी तरफ कर्नाटक के वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दावा किया है कि अगले पांच साल तक वही मुख्यमंत्री रहेंगे। पत्रकारों ने ढाई साल के बाद सीएम बदलने की संभावनाओं को लेकर उनसे सवाल पूछे थे। इस सवाल को लेकर सिद्धारमैया कुछ नाराज भी नजर आए। यह पहली बार है जब सिद्धा ने इतने पुरजोर ढंग से अपनी बात रखी है।
माना जा रहा है कि सिद्धारमैया की यह बात प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं तलाश रहे डीके शिवकुमार समेत अन्य को जवाब है। यह भी दिलचस्प है कि सिद्धारमैया का बयान उस वक्त आया है, जब कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल ने कर्नाटक के नेताओं को पावर शेयरिंग को लेकर पब्लिक में कुछ भी बोलने से मना किया हुआ है।
लगातार हो रही बयानबाजी
सूत्रों के मुताबिक डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया ढाई-ढाई साल के लिए सीएम पद संभाल सकते हैं। दोनों पक्षों से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर काफी ज्यादा गहमागहमी नजर आई है और बयानबाजियां भी खूब हुई हैं। हाल ही में चननगिरी विधायक बसवराजू वी शिवगंगा ने टिप्पणी की थी कि आने वाले बरसों में डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनना चाहिए। बाद में हाउसिंग मिनिस्टर जमीन अहमद खान ने इस बयान का विरोध करते हुए कहा था कि सिद्धा को पांच साल का कार्यकाल पूरा करना चाहिए।
Published on:
03 Nov 2023 05:38 pm
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