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तेज सिर दर्द भी हो सकता है कोरोना का लक्षण, ये हैं कोविड-19 के नए लक्षण

कोरोना के कुछ ऐसे नए लक्षणों के बारे में पता चला है जिनकी अवहेलना करने पर समस्या गंभीर हो सकती है।
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Sunil Sharma

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Updated: 6 Sep 2021, 4:50 PM IST

corona vaccine

corona vaccine

नई दिल्ली। कोविड-19 वायरस नवंबर 2019 में पहली बार दुनिया के सामने आया था, तब से अब तक लगभग दो वर्ष पूरे होने वाले हैं। इतने समय में कोरोना वायरस के कई नए वेरिएंट भी सामने आ चुके हैं जो मूल वायरस से ज्यादा संक्रामक और ज्यादा खतरनाक हैं। इन नए वेरिएंटस के सामने आने के साथ-साथ ही कोरोना के लक्षण भी बदल गए हैं।

कोविड टास्कफोर्स से जुड़े डॉक्टर्स के अनुसार कोरोना के कुछ ऐसे नए लक्षणों के बारे में पता चला है जिनकी अवहेलना करने पर समस्या गंभीर हो सकती है। कोरोना के नए लक्षणों में लंबे समय तक चलने वाला तेज सिरदर्द, स्किन पर चकत्ते या रेशेज, शरीर में अत्यधिक कमजोरी आना, मुंह सूखना और लार का कम बनना और सुनने की क्षमता का कम होना शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार कोरोना अब नए-नए रूपों में सामने आ रहा है जिसकी वजह से इसे पहचानना ज्यादा कठिन हो रहा है और इसी कारण संक्रमितों की पहचान करना पहले से ज्यादा कठिन हो गया है।

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उल्लेखनीय है कि इस समय कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के चलते कई देशों में कोरोना की तीसरी लहर भी आ चुकी है जो कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर की तुलना में ज्यादा घातक सिद्ध हो रही है। भारत में भी अब डेल्टा वेरिएंट के मरीज मिल रहे हैं। सबसे बड़ी बात जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले ली हैं, उन्हें भी यह म्यूटेंट संक्रमित कर रहा है। वर्तमान में डेल्टा म्यूटेंट का ही अपडेटेड वर्जन AY.12 भी संक्रमण का बड़ा कारण बन रहा है।

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वैक्सीन लेने के बाद छह महीने में ही खत्म हो रही है एंटीबॉडी
हाल ही अमरीका में हुए एक शोध में पाया गया है कि फाइजर वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले लोगों में छह महीने बाद एंटीबॉडी खत्म हो रही है। वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी तथा ब्राउन यूनिवर्सिटी के संयुक्त शोध में 120 आम नागरिक तथा 92 हेल्थकेयर वर्कर्स के ब्लड सैम्पल्स का विस्तृत परीक्षण करने पर यह खुलासा हुआ। शोध के अनुसार छह महीने बाद वैक्सीन लेने वाले लोगों में एंटीबॉडी का लेवल 80 फीसदी से भी अधिक कम हो गया था।

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