
Lok Sabha Elections 2024 : देश में लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियां मतदाताओं को लुभाने के लिए मेनिफेस्टो (घोषणापत्र) जारी कर रही हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भी गुरुवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। मेनिफेस्टो जारी करने के बाद येचुरी ने कहा कि सबसे जरूरी बात देश की धर्मनिरपेक्ष छवि को बचाना है, यही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सीताराम येचुरी ने कहा कि आज हमारे मुल्क का जो कैरेक्टर है, जो एक धर्मनिरपेक्ष जनतंत्र का गणराज्य है, भाजपा और मोदी सरकार उसी कैरेक्टर को खत्म करने पर तुली है। अब इसको रोकना है। देश का जो चरित्र है उसका संरक्षण करना है और जनहित में यह काम करना है, तो यह अनिवार्य है कि भाजपा और मोदी सरकार को सत्ता से दूर रखें। यही है हमारा मुख्य मकसद और उसके लिए किस तरह के कदम उठाने हैं, वो सब घोषणापत्र में हैं।
सीपीआई (एम) ने कहा कि वह भड़काऊ भाषण और अपराधों के खिलाफ एक कानून के लिए लड़ाई लड़ेगी और नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। घोषणापत्र में सीपीआई (एम) ने देश के सबसे अमीर वर्ग पर कर लगाने और सामान्य संपत्ति कर और विरासत कर पर एक कानून लाने का वादा किया। सीपीआई (एम) ने कहा कि मनरेगा के लिए बजटीय आवंटन दोगुना किया जाना चाहिए और शहरी रोजगार की गारंटी देने वाला एक नया कानून बनाया जाना चाहिए।
इंडिया गंठबंधन के बारे में सीताराम येचुरी ने कहा कि हर राज्य के अंदर गठबंधन अपने राज्य की परिस्थिति के हिसाब हो रहा है और वह बहुत मजबूत है। उनसे जब सवाल किया गया कि कांग्रेस पार्टी आपके गठबंधन का हिस्सा है, एक तरफ राहुल गांधी के सामने आपकी पार्टी के नेता चुनाव लड़ रहे हैं। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि हर राज्य के अंदर जो गठबंधन बना है वह परिस्थितियों के हिसाब से है। जहां जिस राज्य जिस दल के लिए जैसी परिस्थितियां हैं, उसी के आधार पर यह खाका तय हो चुका है और यह बहुत कामयाब तरीके से चल रहा है।
वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता प्रकाश करात ने कहा कि हमारे घोषणा पत्र में कुछ मुख्य बातें हैं। एक तो देश में लोकतंत्र को बचाना है, संविधान को बचाना है। उसके लिए जो कुछ कदम उठाए गए हैं, पिछले 10 वर्षों में भाजपा सरकार की ओर से, जो जनतंत्र विरोधी है और जन विरोधी है, उन नीतियों को खत्म कर वैकल्पिक नीतियों को लागू करेंगे। हमने आर्थिक, सामाजिक नीतियों के अलावा जनतंत्र की बहाली के लिए कई तत्व अपने घोषणा पत्र में डाले हैं।
चुनाव 19 अप्रैल से शुरू
18वीं लोकसभा के लिए देश में मतदान 19 अप्रैल से शुरू होंगे। इसके बाद 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई, 20 मई, 25 मई और 1 जून को मतदान होगा। मतगणना 4 जून को होगी।
Updated on:
04 Apr 2024 08:25 pm
Published on:
04 Apr 2024 08:18 pm
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