
Cyclone Biparjoy : इस समय देश के तटीय क्षेत्रों में साइक्लोन बिपरजॉय (Cyclone Biparjoy) का खतरा मंडरा रहा है। जहां चक्रवात ने अब खौफनाक रूप ले लिया है। वहीं दूसरी ओर इस तबाही भरे बिपरजॉय से बचने के लिए मौसम विभाग ने लोगों को सुरक्षित रहने या फिर किसी दूसरे स्थान पर जाने की चेतावनी दे दी है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने तूफान के मद्देनजर एक अहम हाईलेवल मीटिंग बुलाई की। इस हाई लेवल मीटिंग में अधिकारियों के अलावा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और आठ प्रभावित लोकसभा क्षेत्रों के सांसद भी शामिल हुए।
चक्रवात तूफान से निपटने की तैयारियों पर बात करते हुए शाह ने कहा कि भारत इसका सामना करने के लिए तैयार है और उन सभी तटीय क्षेत्रों में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है, जहां चक्रवात का प्रभाव अधिक दिखाई देगा। शाह ने कहा कि जिन राज्यों में परमाणु ऊर्जा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, उन्हें आपात स्थितियों में पालन करने के लिए कड़े प्रोटोकॉल दिए गए हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री ने एएनआई के हवाले से कहा, "पिछले नौ वर्षों में, केंद्र सरकार और राज्यों ने इस क्षेत्र में बहुत कुछ हासिल किया है। कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता है। लेकिन हम संतुष्ट नहीं रह सकते क्योंकि आपदाओं ने अपना रूप बदल लिया है और उनकी आवृत्ति और तीव्रता बढ़ गई है। हमें करना होगा अधिक व्यापक योजना बनाएं।"
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात बिपरजॉय 14 से 15 जून तक गुजरात के तट पर भयंकर तबाही मच सकता है। हालांकि गुजरात सरकार और केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार रात से ही वहां रह रहे लोगों को दूसरे स्थान पर विस्थापित किया जा रहा है। इस बीच आइए जानते हैं चक्रवात बिपरजॉय से जुड़ी अब तक की 10 बातें...
1. साइक्लोन बिपरजॉय से बचने के लिए राहत-बचाव कार्य में जुटे कर्मचारियों ने अब तक 7,500 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। इसके साथ ही कच्छ-सौराष्ट्र जिलों में तट से 10 किलोमीटर दूर स्थित गांवों के लोगों को वहां से हटाने का काम शुरू कर दिया है।
2. मौसम विभाग के मुताबिक, साइक्लोन बिपरजॉय का 15 जून को गुजरात के कच्छ जिले के तटों पर पहुंच जाने का अनुमान है। ऐसे में कच्छ, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका, जामनगर, जूनागढ़ और मोरबी के तटीय जिलों में समुद्र तट के पास रहने वाले लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।
3. जाहिर है कि अब साइक्लोन बिपरजॉय ने काफी गंभीर रूप धारण कर लिया है। चक्रवात के दौरान 150 किलोमीटर की गति से हवाएं चल सकती हैं। इसके लिए अभी से ही सेना, नौसेना और भारतीय तट रक्षकों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
4. साइक्लोन बिपरजॉय के मद्देनजर पोरबंदर के 31 गांवों से करीब 3,000 लोगों को और देवभूमि द्वारका में करीब 1,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
5. साइक्लोन की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात की और स्थिति का जायजा लिया। बातचीत के दौरान पीएम ने राज्य को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
6. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दर्जनों टीमों को प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है। इसके अलावा प्रभावित लोगों के लिए आवास, भोजन और दवाओं की व्यवस्था भी की गई है।
7. साइक्लोन के गुजरात के तट पर पहुंचने की संभावना पहले ही जताई जा चुकी है। ऐसे में यहां के कच्छ जिले के तटीय इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। वहीं सभी स्कूलों और कॉलेजों को 15 जून तक के लिए बंद कर दिया गया है।
8. साइक्लोन बिपरजॉय के कारण आज 67 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कई ट्रेनें लेट भी चल रही हैं और रेलवे ने उनके लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं।
9. चक्रवात का असर देशभर के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में बारिश की आशंका जताई गई है। इस बीच मुंबई के तटीय इलाकों में भी अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि मुंबई में काफी बारिश भी हुई है।
10. बता दें कि साइक्लोन बिपरजॉय का असर पाकिस्तान में भी होगा। पाकिस्तान सरकार ने भी सिंध और बलूचिस्तान में अधिकारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
Updated on:
13 Jun 2023 04:09 pm
Published on:
13 Jun 2023 12:40 pm

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