
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश पहुंचे। उन्होंने वास्तविक नियंत्रण रेखा की अग्रिम चौकियों का दौरा करते हुए सैनिकों के साथ दशहरा मनाया किया। उन्होंने तवांग पहुंच कर शस्त्र पूजा की और सैनिकों को दशहरा की बधाई दी। क्षा मंत्री राजनाथ सिंह तवांग युद्ध स्मारक पर पहुंच 1962 के युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुरों को पुष्पांजलि भी अर्पित की। इसके साथ ही इशारों इशारों में चीन को संदेश भी दिया। दशहरा पर सैनिकों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने विजयादशमी के त्योहार के लोकाचार के जीवित प्रमाण के रूप में बहादुर सशस्त्र बल कर्मियों की धार्मिकता और धर्म का वर्णन किया।
सुरक्षा का कोई विकल्प नहीं
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अग्रिम पंक्ति के स्थानों पर तैनात सैनिकों से बातचीत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए देश के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। रक्षा उपकरणों के स्वदेशी उत्पादन के माध्यम से देश की सैन्य शक्ति को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
भारत शक्तिशाली देशों में एक
रक्षामंत्री ने बताया कि सशस्त्र बलों की वीरता और प्रतिबद्धता मुख्य कारणों में से एक है कि भारत का कद अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ा है और यह अब सबसे शक्तिशाली देशों में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत, रक्षा में 'आत्मनिर्भरता' की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। पहले हम अपनी सेना को उन्नत करने के लिए आयात पर निर्भर रहते थे। 2014 में रक्षा निर्यात का मूल्य लगभग एक हजार करोड़ रुपए था लेकिन आज हम हजारों करोड़ रुपए के रक्षा उपकरण निर्यात कर रहे हैं।
Published on:
24 Oct 2023 07:21 pm

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