
Bangladeshi
Delhi Police Action: राष्ट्रीय राजधानी में अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक (illegal Bangladeshis) को दक्षिण पश्चिम जिले के वसंत कुंज दक्षिण पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों द्वारा शुरू किए गए सत्यापन अभियान के बाद पकड़ लिया गया और बांग्लादेश भेज दिया गया। अवैध अप्रवासी की पहचान बांग्लादेश के ढाका के डेमरा गांव के निवासी मोहम्मद बबलू के रूप में हुई है, जिसे विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के माध्यम से बांग्लादेश भेज दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को शाम की गश्त के दौरान इलाके में एक अवैध बांग्लादेशी नागरिक के बारे में गुप्त सूचना पर कार्रवाई की गई। सूचना पर कार्रवाई करते हुए, टीम मौके पर पहुंची और बबलू को रोक लिया। राजधानी में बांग्लादेशी नागरिकों सहित प्रवासियों के अनधिकृत रहने पर बढ़ती चिंताओं के जवाब में, दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस ने वैध भारतीय दस्तावेजों के बिना रह रहे व्यक्तियों की पहचान करने, उन्हें हिरासत में लेने और उन्हें वापस भेजने के प्रयास तेज कर दिए गए है।
टीम को दिन-रात गश्त के लिए व्यवस्थित रूप से प्रशिक्षित किया गया, ताकि प्रभावी सतर्कता सुनिश्चित की जा सके और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सक्रिय कदम उठाए जा सकें। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेश से आए 25 से अधिक "अवैध" प्रवासियों की पहचान की है और उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, एक अधिकारी ने कहा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार यानी 1 जनवरी को कहा कि केंद्र बांग्लादेश से अवैध रूप से श्रमिकों को लाने के लिए देश भर की कपड़ा इकाइयों पर “हड़ताल” कर सकता है। असम और त्रिपुरा में पुलिस रोज 20 से 30 बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ रही है। आपको बता दें की सभी घुसपैठियों में ज्यादातर घुसपैठिए कपड़ा मजदूर है जो शेख हसीना की सरकार के बाद बेरोजगार हुए जिसकी वजह से बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग भी प्रभावित हुए है।
पुलिस कानून और व्यवस्था के विशेष आयोग मधुप तिवारी ने कहा कि बांग्लादेश से आए "अवैध" प्रवासियों की पहचान करने का अभियान दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के आदेश पर चलाया जा रहा है। "एलजी के निर्देश के बाद, हमने एक अभियान शुरू किया है, जिसमें हमने अवैध प्रवासियों की पहचान करना और उन्हें निर्वासित करना शुरू कर दिया है। जोन 2, दक्षिणी क्षेत्र में, हमने अब तक 25 से अधिक ऐसे अवैध प्रवासियों की पहचान की है और उन्हें निर्वासित करने का काम भी शुरू कर दिया है। वहीं, दक्षिण जिले में हमें बड़ी सफलता मिली, जहां हमने एक रैकेट का भंडाफोड़ किया, जिसमें हमने न केवल उनके भारत आने का रास्ता देखा बल्कि इसमें शामिल लोगों को भी पकड़ा, जो यहां अवैध रूप से अपने आधार कार्ड बनाते थे।
Updated on:
2 Jan 2025, 3:17 PM IST
Published on:
2 Jan 2025, 10:42 AM IST
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