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हंगामे के कारण दिल्ली सेवा बिल पर नहीं हो सकी चर्चा

-मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी के बयान की मांग पर अड़ा रहा विपक्ष

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हंगामे के कारण दिल्ली सेवा बिल पर नहीं हो सकी चर्चा

हंगामे के कारण दिल्ली सेवा बिल पर नहीं हो सकी चर्चा

नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को भी मणिपुर के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। जिससे दिल्ली सेवा विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी। अब गुरुवार को इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना है। इस बिल को पास होने से रोकने के लिए आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश की है। हालांकि, ओडिशा की सत्ताधारी बीजेडी ने बिल पर सरकार का समर्थन करने का निर्णय लिया है।

दिल्ली में अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े बिल को बीते मंगलवार को लोकसभा में गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पेश किया था। आज इस महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा होनी थी।पहले हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया और इसके बाद फिर सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो हंगामा जारी रहा। जिसके बाद पूरे दिन के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विपक्ष मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन को संबोधित करने की मांग को लेकर अड़ा है।

मंगलवार को सदन में पेश हुए बिल के औचित्य पर विपक्ष के उठाए सवालों का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि संविधान में सदन को दिल्ली राज्य के संबंध में कोई भी कानून बनाने की शक्ति दी है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से भी साफ है कि संसद दिल्ली राज्य को लेकर कोई भी कानून ला सकती है। विपक्ष की सारी आपत्तियां राजनीतिक हैं।

सरकार विधेयक से हटा चुकी है धारा 3 ए

लोकसभा में मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक पेश होने से ठीक पहले अध्यादेश में शामिल धारा 3ए को सरकार हटा चुकी है। सबंधित धारा राज्य विधानसभा को सर्विसेज पर कोई भी कानून बनाने से रोकती थी। सुप्रीम कोर्ट के राज्य के अधिकारों को लेकर उठाए सवाल के कारण विधेयक में संशोधन हुआ।


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