
Dev Uthani Ekadashi vivah muhurat 2024-2025
Dev Uthani Ekadashi 2024: देवउठनी एकादशी यानी आज 12 नवंबर से शादियों का सीजन शुरू हो गया है। आज तुलसी विवाह और देवउठनी एकादशी है। आज के दिन व्रती माता तुलसी का विवाह भगवान शालिग्राम से कराते हैं। इस दिन को एक अबुझ मुहूर्त के रूप में मान्यता मिली हुई है। ज्योतिषियों के अनुसार, देवउठनी एकादशी का अपना विशेष महत्व है। इसमें लोगों को विशेष ग्रहों की चिंता नहीं होती है। यही एक कारण है कि इस मुहूर्त (Vivah Muhurat) पर लोग बिना संकोच के शादियां करते हैं। दिल्ली NCR में इस मुहूर्त पर करीब 48,000 से अधिक शादियां होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी का व्रत किया जाता है, जिसे देवोत्थान एकादशी या देव प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, देवउठनी एकादशी का अपना विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्य अजय भांबी ने कहा, "इस दिन जोड़े बिना किसी पारंपरिक सलाह के किसी भी समय विवाह कर सकते हैं क्योंकि इसकी आध्यात्मिक स्थिति बहुत अच्छी है। यह ईश्वरीय आशीर्वाद का दिन है, जो चुनौतीपूर्ण ज्योतिषीय चार्ट वाले जोड़ों को भी आसानी से विवाह करने की अनुमति देता है।' CAIT के अनुसार, शादियों के दौरान सबसे बड़ी वित्तीय गतिविधि कपड़े, आभूषण, खानपान और विवाह स्थल जैसे क्षेत्रों में देखी जाती है। वर्तमान में महंगाई बढ़ने के कारण इन सभी चीजों की कीमतें आसमान छू रही है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुसार, नवंबर और दिसंबर में होने वाली शादियों से देश की अर्थव्यवस्था में 6 लाख करोड़ रुपये का योगदान का अनुमान है, जिसमें अकेले दिल्ली-NCR का लगभग 1.5 लाख करोड़ का योगदान होगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, नवंबर में 12 नवंबर के अलावा 13, 15, 16, 17, 18, 22, 25, 26, 27 और 28 नवंबर शादियों के लिए शुभ मुहूर्त बताए गए हैं।इसी तरह दिसंबर में 2, 3, 4, 6, 7, 10, 11 और 14 दिसंबर विवाह के लिए शुभ मुहूर्त है।इस साल कुल 40 शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। एक अनुमान के अनुसार, देशभर में इन मुहूर्तों पर 5 लाख से अधिक शादिया होने का अनुमान है।
Updated on:
12 Nov 2024, 8:32 PM IST
Published on:
12 Nov 2024, 8:32 PM IST
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