केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने बेटे की मौत को याद करते हुए लोगों से कहा कि बेटी की शादी किसी शराबी से न कराएं। उन्होंने कहा कि नशे में धुत अधिकारी से बेहतर एक मजदूर या रिक्शा चालक रहेगा।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री कौशल किशोर ने शराब पीने के दुष्परिणाम बताते हुए लोगों से इसको न पीने की अपील की। उन्होंने बीते दिन 24 दिसंबर को नशामुक्ति अभियान के एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि लोगों को अपनी बेटियों और बहनों की शादी किसी शराबी से नहीं करानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने अपने बेटे की शराब की लत के बारे में बताते हुए कहा कि "दोस्तों के साथ शराब पीना मेरे बेटे के लिए आकाश किशोर की आदत बन गई थी। उसे पुनर्वास सुविधा में ले गए। इसके 6 महीने बाद यह मानते हुए उसकी शादी करा दी कि वह शराब पीना छोड़ देगा, लेकिन शादी के बाद भी उसने पीना नहीं छोड़ा और आखिरकार उसकी मौत हो गई।
इसके साथ ही कौशल किशोर ने कहा कि "शराबी की उम्र बहुत कम होती है। जब सांसद के तौर पर मैं और विधायक के तौर पर मेरी पत्नी अपने बेटे की जान नहीं बचा सके तो आम जनता कैसे करेगी। इसके साथ ही उन्होंने सभी स्कूलों में नशामुक्ति अभियान चलाने और सुबह की नमाज के दौरान बच्चों को इस संबंध में सलाह देने की सलाह दी।
रिक्शा चलाने वाले से कर दो अपनी बहन-बेटियों की शादी
कौशल किशोर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपनी बहन-बेटियों की शादी शराबी और नशेड़ी युवाओं से न करें। शराबी अधिकारी से बेहतर एक मजदूर या रिक्शा चलाने वाला है। शराबी अधिकारी की बजाय आप लोग एक रिक्शा चलाने वाले या मजदूर से शादी करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि "मैं अपने बेटे को नहीं बचा सका, जिसकी वजह से उसकी पत्नी विधवा हो गई। आपको अपनी बेटियों और बहनों को इससे बचाना चाहिए।"
नशे के कारण हर साल 20 लाख लोगों की हो रही मौत
कौशल किशोर ने कहा कि आजादी के 90 साल के आंदोलन में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में 6.32 लाख लोगों ने अपनी जान दी, लेकिन हर साल 20 लाख लोगों की मौत नशे की लत के कारण हो रही है। उन्होंने कहा "लगभग 80 प्रतिशत कैंसर से होने वाली मौतें तंबाकू, सिगरेट और बीड़ी की लत के कारण होती हैं।"
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