
Don’t mention again and again: SC refuses submissions seeking early listing of Bilkis Bano’s plea
सुप्रीम कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म मामले में 11 दोषियों की सजा में छूट को चुनौती देने वाली बिलकिस बानो की याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग वाली याचिकाओं पर विचार करने से बुधवार यानी आज मना कर दिया है। बिलकिस बानो के वकील शोभा गुप्ता बार-बार दूसरी बेंच गठित करने की मांग कर रही थीं, जिसपर मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने आपत्ति जताई।
इसके साथ ही भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि बार-बार एक ही बात का जिक्र न करिए, ये बहुत इरिटेटिंग है। दरअसल बीते दिन मंगलवार को जस्टिस बेला त्रिवेदी ने बिलकिस बानो केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था, जिसके बाद इस मामले की सुनवाई भी टल गई है।
बिलकिस बानो की याचिका के लिए CJI गठित करेंगे नई बेंच
बीते दिन मंगलवार को न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी ने खुद को इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। इसके साथ ही न्यायमूर्ति रस्तोगी की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि इस मामले की सुनवाई के लिए उस पीठ के सामने सूचीबद्ध किया जाए, जिसमें हम में से कोई सदस्य न हो। इसके कारण अब इस मामले की सुनवाई के लिए CJI को अब नई बेंच गठित करनी होगी।
गुजरात सरकार के फैसले को बिलकिस बानों ने दी है चुनौती
गुजरात सरकार ने सभी 11 दोषियों को इसी साल 15 अगस्त के दिन रिहा किया गया था। इसके बाद बिलकिस बानो ने 30 नबंवर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके सामूहिक रेप और हत्या के दोषियों की रिहाई के फैसले को चुनौती दी थी। दोषियों की रिहाई के खिलाफ अपनी याचिका में बानो ने कहा कि राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रस्तावित कानून की आवश्यकता को पूरी तरह से अनदेखा करते हुए रिहाई का आदेश जारी किया है।
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Published on:
14 Dec 2022 02:39 pm

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