सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए दस्तीदार ने कहा, किसी भी समाज में ऐसे एक या दो मामले होंगे, आपको दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं मिलेगा जहां ऐसा न होता हो। साथ ही दस्तीदार ने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने अपराजिता विधेयक पारित कर दिया है, हालांकि, इसे अभी राष्ट्रपति से मंजूरी मिलनी बाकी है। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि यह एक जघन्य अपराध है। हम चाहते हैं कि अपराधी को सजा मिले। हमने पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपराजिता विधेयक पारित किया था और फिर यह दिल्ली गया, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे अनुमति नहीं दी। यह राष्ट्रपति के पास पड़ा है। सरकार जो कहती है, राष्ट्रपति वही करते हैं। हमारी मांग के बावजूद इसे पारित नहीं किया गया। इसलिए इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर है।