
मणिपुर में 3 बार हुई थी गैंगरेप की घटना, CBI कर रही मामले की जांच
manipur violence लगभग पिछले 100 मणिपुर में जारी जातीय हिंसा से संबंधित 11 केसों को प्रदेश की पुलिस से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा गया है। उनमें से तीन भीड़ द्वारा महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले हैं। एक मामला CRPF के असिस्टेंट कमांडेंट के द्वारा सार्वजनिक रूप से 56 वर्षीय महिला के निजी अंगों को लात मारने का भी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनमें से चार मामले भीड़ द्वारा की गई हिंसा से भी संबंधित हैं। तीन मामले मैतेई समुदाय के लोगों के खिलाफ और एक मामला कुकी समुदाय के लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है।
दो मामलों में आरोपी की खोजबीन जारी, CBI के हाथों में जिम्मेदारी
मणिपुर में जारी जातीय हिंसा में 25 जुलाई तक राज्य भर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में 6,523 FIR दर्ज की गईं। 19 जुलाई को दरिंदों की भीड़ द्वारा महिला के साथ हुए बलात्कार के वायरल वीडियो के आधार पर 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन कथित गैंगरेप के दो मामलों में अभी तक आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है। तीसरी घटना कहां हुई इसकी समय और स्थान के बारे में कोई जानकारी अभी उपलब्ध नहीं हो पायी है। CBI अब इन दोनों मामलों की जांच करने में जुटी है।
CRPF के सहायक कमांडेंट पर हुई एफआईआर पर भी अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। इंफाल पश्चिम के सिंगजमेई इलाके में 56 वर्षीय महिला की शिकायत पर अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है। यह घटना 12 मई की है। लेकिन अभी तक अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
FIR के मुताबिक, उस अधिकारी ने वर्दी पहनी हुई थी। जवान उनकी सुरक्षा कर रहे थे। इसी बीच उस अधिकारी में अपने दुकान के सामने बैठी महिला को थप्पड़ और मुक्का मारा फिर उसके निजी अंगों पर भी लात मारी। इसके अलावा उसके एक गार्ड ने उस पर अपनी सर्विस बंदूक भी तान दी। जिससे महिला के शरीर पर गंभीर चोट लगी। उसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा इलाज के लिए उसे रिम्स अस्पताल ले जाया गया।
Published on:
11 Aug 2023 04:51 pm

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