
दिल्ली यूनिवर्सिटी के नए उपाध्यक्ष राहुल झांसला (फोटो - एक्स पोस्ट)
दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनावों में इस साल एबीवीपी का दबदबा कायम रहा है। एबीवीपी ने इस बार अध्यक्ष समेत तीन पदों पर जीत हासिल की जबकि एनएसयूआई सिर्फ एक पद तक ही सिमट कर रह गई। इन चुनावों में हरियाणा के बहादुरगढ़ के आर्यन मान ने 28,841 वोटों के साथ अध्यक्ष पद पर बाजी मारी। मान के अलावा एबीवीपी की दीपिका झा ने संयुक्त सचिव पद और कुणाल चौधरी ने सचिव पद पर जीत हासिल की। एनएसयूआई के खाते में इस बार सिर्फ एक उपाध्यक्ष पद आया जिस पर राहुल झांसला ने जीत दर्ज कराई है। आइए जानते है कौन है राहुल झांसला जिन्होंने एक पद हासिल कर के इन चुनावों में एनएसयूआई का खाता खोला।
झांसला को आठवे राउंड तक 17 हजार से ज्यादा वोट मिल चुके थे, जबकि एबीवीपी के उम्मीदवार गोविंद तनवर सिर्फ 7,643 वोटों तक ही सीमट के रह गए थे। 24 वर्षीय राहुल दिल्ली यूनिवर्सिटी के बौद्ध अध्ययन विभाग के छात्र हैं। राहुल मूल रूप से अलवर के रहने वाले हैं और उन्होंने 29,339 वोटो के साथ दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसिडेंट के पद पर जीत हासिल की है। झांसला की वेबसाइट के अनुसार, वह राजनीतिक रूप से सक्रिय छात्र नेता है, जो छात्र अधिकारों, युवा सशक्तिकरण और प्रभावशाली राजनीतिक सक्रियता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। अपनी जीत पर बात करते हुए झांसला ने कहा कि मैं मेरी जीत मेरी टीम को समर्पित करता हूं।
झांसला पिछले दो सालों से यूनिवर्सिटी में छात्र के मुद्दों के लिए लड़ाई लड़ रहे है। इस दौरान झांसला ने छात्रों हितों में कई आंदोलन भी किए। राजस्थान का होने के चलते झांसला को राज्य के छात्र समुदाय के साथ साथ पूर्वांचल के छात्रों का भी समर्थन प्राप्त है। झांसला ने दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएट की पढ़ाई की है। इस दौरान वह कई भूख हड़तालों और छात्रों आंदोलनों का हिस्सा बने। यूनिवर्सिटी परिसर के मुद्दों को लेकर झांसला ने बड़े पैमाने पर आंदोलनों का आयोजन किया जिसने प्रशासन का ध्यान उन मुद्दों की तरफ आकर्षित किया।
Updated on:
19 Sept 2025 04:55 pm
Published on:
19 Sept 2025 04:40 pm
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