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जम्मू-कश्मीर के डोडा में हिली धरती, रिक्टर पैमाने पर 4.6 रही भूकंप की तीव्रता

Earthquake In Doda: जम्मू-कश्मीर के डोडा में सुबह 4.6 तीव्रता का भूकंप महसूस हुआ, जिससे लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन अलर्ट पर है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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भारत

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Anurag Animesh

Apr 12, 2026

Earthquake In Doda

Earthquake In Doda(AI Image-ChatGpt)

Earthquake In Jammu Kashmir: रविवार की सुबह जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाके अचानक हिल उठे। डोडा जिले में तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। सुबह का वक्त था, ज्यादातर लोग सो रहे थे, तभी धरती के हिलने से अफरा-तफरी मच गई। लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और खुली जगहों की ओर भागे। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 मापी गई। झटके सुबह करीब 4 बजकर 32 मिनट पर आए। हालांकि राहत की बात ये है कि अब तक किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की खबर सामने नहीं आई है। फिलहाल डोडा और आसपास के इलाकों में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। लोग जरूर डरे हुए हैं, लेकिन राहत की बात ये है कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

प्रशासन अलर्ट पर, लोगों से सावधानी बरतने की अपील


भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पुलिस और राहत टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क जरूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें। दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। कुछ दिन पहले दिल्ली-एनसीआर में भी हल्का कंपन दर्ज किया गया था।

डोडा में पहले भी आ चुके हैं झटके


डोडा इलाका भूकंप के लिहाज से नया नहीं है। इससे पहले 1 मार्च 2026 को भी यहां 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। उस समय भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन लोगों में डर जरूर फैल गया था।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप?


भूकंप कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे धरती के भीतर चल रही हलचल जिम्मेदार होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार धरती कई टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है, जो लगातार खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या रगड़ खाती हैं, तो ऊर्जा जमा होती जाती है। यही ऊर्जा जब एकदम से बाहर निकलती है, तो धरती हिलने लगती है, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं।