
India-Oman CEPA
India-Oman CEPA: भारत और ओमान के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता एक जून से लागू हो गया है। इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) से भारतीय निर्यातकों को ओमान में तत्काल शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करेगा और सेवा, फार्मास्यूटिकल्स और श्रम-प्रधान क्षेत्रों में अवसरों का विस्तार करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता भारत और ओमान के संबंधों को नई गति प्रदान करेगा। यह ओमान को व्यापक खाड़ी, एशिया और अफ्रीका के प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करता है।
उन्होंने कहा कि आज से भारत को ओमान की 98% टैरिफ लाइनों पर शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी, जो ओमान को होने वाले भारत के 99% से अधिक निर्यात को कवर करती है। अभी हम बात कर रहे हैं, भारत के विभिन्न हिस्सों से ओमान में तरजीही शुल्क पहुंच का लाभ उठाते हुए 10 से अधिक खेप भेजी जा रही हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान की राजधानी मस्कट में कहा था, सीईपीए हमारे साझा भविष्य का खाका है और वह खाका पहले से ही आकार ले रहा है। उन्होंने कहा कि ओमान सिर्फ एक बाजार से कहीं अधिक है, बल्कि यह सोहार , दुक्म और सलालाह के बंदरगाहों के माध्यम से मध्य पूर्व और पूर्वी अफ्रीका के व्यापक खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों और हिंद महासागर की अर्थव्यवस्था का प्रवेश द्वार है।
गोयल ने कहा कि हम ओमान से आने वाले उन उत्पादों का स्वागत करने के लिए भी उत्सुक हैं, जिनकी भारतीय पारिस्थितिकी तंत्र में आवश्यकता है और जिनसे हमारे उपभोक्ताओं और हमारे व्यवसाय को लाभ होगा। उन्होंने यह भी बताया कि ओमान की खजूरें बहुत खास और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कपड़ा, खेल के कपड़े, रत्न और आभूषण, फार्मा, चिकित्सा उपकरण, इंजीनियरिंग, खेल के सामान, कृषि उत्पाद, मांस, चमड़ा, प्लास्टिक, ऑटोमोबाइल और समुद्री उत्पाद जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों, लघु एवं मध्यम उद्यमों और निर्यातकों को अब ओमानी बाजार में हमारे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले तरजीही पहुंच मिलेगी।
ओमान ने दशकों पुराने बिना पॉलिश किए संगमरमर के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाने की भी प्रतिबद्धता जताई है, जिससे राजस्थान और आंध्र प्रदेश के कारीगरों को कच्चा माल सीधे प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
वस्तुओं के व्यापार के अलावा, समझौते में सेवाओं और आवागमन के संबंध में भी महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। यह भारतीय पेशेवरों के लिए आवागमन संबंधी बेहतर प्रावधान प्रदान करता है, जिसमें कंपनी के भीतर स्थानांतरित होने वाले कर्मचारियों, संविदात्मक सेवा आपूर्तिकर्ताओं, व्यावसायिक आगंतुकों और स्वतंत्र पेशेवरों के लिए अस्थायी प्रवास की प्रतिबद्धताएं शामिल हैं।
Updated on:
1 Jun 2026, 5:31 PM IST
Published on:
1 Jun 2026, 5:30 PM IST
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