
अगले साल भारत की 6.8 प्रतिशत दर से बढ़ेगी जीडीपी।
Indian Economy: भारत की अर्थव्यवस्था में तेज विकास का रुख लगातार बना हुआ है। एक तरफ विकास की रफ्तार अनुमानों के पार जा रही है तो दूसरी तरफ शेयर बाजार नई ऊंचाइयां छू रहा है। अर्थव्यवस्था के प्रति सकारात्मक संकेतों को देखते हुए रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बुधवार को अगले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी दर 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। साथ ही एजेंसी ने कहा कि देश 2031 तक सात ट्रिलियन डॉलर की इकॉनोमी के साथ एक 'अपर मिडिल- इनकम' वाला देश बन जाएगा।
रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहीं ये बातें
रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास सरकार के दूसरे अग्रिम अनुमान 7.6 फीसदी से भी ज्यादा तेज गति से हो सकता है। मुझे ये कहने में कोई संकोच नहीं है कि मौजूदा वित्त वर्ष (2023-24) में जीडीपी ग्रोथ रेट आठ फीसदी के करीब रह सकती है। अगले वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय अर्थव्यवस्था सात फीसदी के दर से विकास कर करेगी।
क्या कहती है क्रिसिल की रिर्पोट
अपनी 'इंडिया आउटलुक' रिपोर्ट में क्रिसिल ने कहा कि घरेलू संरचनात्मक सुधारों के साथ 2031 तक भारत के तीसरी सबसे बड़ी इकॉनोमी बनने की उम्मीद है। भारत ग्रोथ की संभावनाओं को न सिर्फ बरकरार रखेगा बल्कि इसमें सुधार भी कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘चालू वित्त वर्ष में विकास दर 7.6 फीसदी रहने की उम्मीदों के बाद भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ वित्त वर्ष 2024-25 में थोड़ा मध्यम होकर 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है।’ क्रिसिल के अनुसार, अगले सात वित्त वर्षों (2024-25 से 2030-31) में भारतीय अर्थव्यवस्था पांच लाख करोड़ डॉलर का आंकड़ा पार कर सात लाख करोड़ डॉलर के करीब पहुंच जाएगी। क्रिसिल ने कहा, ‘इस अवधि में 6.7 फीसदी की अनुमानित औसत वृद्धि भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बना देगी और 2030-31 तक इसकी प्रति व्यक्ति आय भी उच्च-मध्यम आय समूह तक पहुंच जाएगी।’
प्रति व्यक्ति आय होगी 4,500 डॉलर
क्रिसिल को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030-31 तक भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 6.7 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा। उस समय तक देश की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 4,500 अमरीकी डॉलर (3,73,500 रुपए) तक पहुंच जाएगी और भारत उच्च-मध्यम आय वाले देशों के समूह में शामिल हो जाएगा। वर्ल्ड बैंक की परिभाषा के मुताबिक, उच्च-मध्यम आय वाले देश की श्रेणी में ऐसे देश शामिल होते हैं जहां की प्रति व्यक्ति आय 4,000-12,000 अमरीकी डॉलर के बीच है। निम्न-मध्यम आय वाले देश वे होते हैं जिनकी प्रति व्यक्ति आय 1,000-4,000 अमरीकी डॉलर होती है।
घरेलू खपत के लिए बेहतर
क्रिसिल के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अमीश मेहता ने कहा कि वित्त वर्ष 2030-31 तक भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था और उच्च-मध्यम आय वाला देश होगा, जो घरेलू खपत के लिए एक बड़ा सकारात्मक पक्ष होगा। भारत फिलहाल 3.6 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है। इसके आगे अमरीका, चीन, जापान और जर्मनी हैं।
Published on:
07 Mar 2024 09:45 am

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