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RAID: 15 हजार की सैलरी पाने वाले एक नौकर के घर कैसे मिले 30 करोड़ रूपये, पढ़ें Inside Story

Ranchi ED Raid: 15 हजार की नौकरी करने वाले झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के कथित घरेलू सहयोगी के कमरे से 25-30 करोड़ मिले है।

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झारखंड सरकार के मंत्री आलमगीर आलम के पीए संजीव कुमार और उनके घरेलू नौकर के घर पड़े छापे के बाद निकल कर आए 'पैसों के पहाड़' ने सोशल मीडिया से लेकर सियासत के गलियारें में सनसनी मचा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार सुबह रांची में मंत्री आलमगीर आलम के पीए संजीव कुमार और कई अन्य के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। संजीव कुमार के घर काम करने वाले एक व्यक्ति के घर से करोड़ों की नगद रकम बरामद हुई है। खबर है कि यह रकम 25-30 करोड़ से भी ज्यादा हो सकती है।

इस खबर ने सियासत और ब्यूरोक्रेसी गलियारों में फिर एक बार हलचल मचा दी। भाजपा ने इसे 'इंडिया' गठबंधन के भ्रष्टाचार का मुद्दा बना दिया है। छापेमारी में बरामद नोटों के ढेर का वीडियो दो घंटे के भीतर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है।

15 हजारी की नौकरी और 30 करोड़ रुपए कैश

मिली जानकारी के अनुसार, ED के अधिकारियों को भी उम्मीद नहीं थी कि 15 हजार की नौकरी करने वाले एक मामूली से नौकर के यहां इतनी बड़ी रकम मिल सकती थी। नौकर के घर से नोटों की गड्डियां निकलनी शुरू हुई तो नोट गिनने वाली मशीन मंगवानी पड़ गई।

आलमगीर की सफाई

मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि, "संजीव लाल एक सरकारी कर्मचारी हैं. वह मेरे निजी सचिव हैं. संजीव लाल पहले भी दो पूर्व मंत्रियों के निजी सचिव रह चुके हैं. कई सरकारी कर्मचारी हैं और हम आम तौर पर अनुभव के आधार पर निजी सचिव की नियुक्ति करते हैं. यह सही नहीं है." ईडी की जांच पूरी होने से पहले छापेमारी पर टिप्पणी करूंगा।

कौन है आलमगीर आलम

झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र से हैं. खास बात यह है कि आलमगीर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार हैं. इसी सीट से वह चार बार विधायक रह चुके हैं. यही वजह है कि सोरेन सरकार में उन्हें मंत्री भी बनाया गया. हालांकि उन पर विपक्ष लगातार भ्रष्टाचार का आरोप लगाता रहा है. मौजूदा समय में आलमगीर आलम झारखंड सरकार में संसदीय कार्य और ग्रामीण विकास मंत्री हैं. 

पूर्व सीएम ने साधा निशाना

झारखंड के भाजपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने एक्स अकाउंट पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, "दो दिन पहले प्रधानमंत्री झामुमो-कांग्रेस के जिस 'लूट मॉडल' की बात कर रहे थे, उसे इन रुपयों ने सत्यापित कर दिया है।"

पूर्व सीएम ने कहा है कि गरीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों के हक मारकर लूटे हुए इन्हीं पैसों से कांग्रेस अपने शहजादे को प्रधानमंत्री बनाने का सपना देख रही है। ईडी, सीबीआई के दुरुपयोग की दुहाई देने वाली झामुमो-कांग्रेस जनता के सामने अब कौन सा नया बहाना बनाएगी? धीरज साहू से लेकर आलमगिर आलम और पंकज मिश्रा से लेकर पूजा सिंहल तक के ठिकानों से जिस प्रकार अथाह काले धन बरामद हुए हैं, उससे पिछले 5 सालों के दौरान राज्य सरकार द्वारा की गई संगठित लूट जगजाहिर हो चुकी है।"

भाजपा नेता ने आगे लिखा, "सोचिये कि झारखंड में एक मंत्री के पीए के नौकर के यहॉं पच्चीस करोड़ नगद मिल सकता है तो दूसरे और मंत्रियों ने ग़रीबों की गाढ़ी कमाई और कितना लूट कर नौकर चाकरों तक के यहॉं छुपा कर रखा हुआ है ? हमें लगता है कि कल्पना सोरेन अब घड़ियाली आंसू बहाना और यह कहना बंद कर देंगी कि हेमंत सोरेन का अपराध क्या है?"

उन्होंने अवैध रकम का दुरुपयोग कर आम चुनाव को प्रभावित करने की आशंका जताते हुए चुनाव आयोग से अपील की है कि अविलंब सभी राज्य के मंत्रियों के ठिकानों पर छापेमारी कर चुनाव में काले धन का दुरुपयोग रोकें और कठोर कार्रवाई करें।

बीजेपी ने शुरू की घेराबंदी

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "30 करोड़ रुपए से अधिक और काउंटिंग जारी... आज ईडी की कार्रवाई में कांग्रेस विधायक दल के नेता व झारखंड सरकार के भ्रष्टाचार शिरोमणि हेमंत सरकार के मंत्री आलमगीर आलम के पर्सनल सेक्रेट्री संजीव लाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई...संजीव लाल के आवास पर ईडी को मिला 30 करोड़ से अधिक कैश। प्रदीप यादव की पार्टी की कहानी।"

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने कहा है कि कैश बरामदगी की ताजा घटना ने साबित कर दिया है कि राज्य के इतिहास में झामुमो-कांग्रेस-राजद की यह सरकार सबसे भ्रष्ट है। इन्होंने 'झारखंड' को 'लूटखंड' बना दिया है।