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SBI कार लोन घोटाले में ED की कार्रवाई, 12 ठिकानों पर छापेमारी, BMW, मर्सिडीज, लैंड रोवर जब्त

ED ने SBI पुणे ब्रांच के करोड़ों रुपये के कार लोन घोटाले में छापेमारी कर कई लग्जरी कारें और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए। जांच में जाली दस्तावेजों के आधार पर महंगे कार लोन मंजूर कराने में पूर्व ब्रांच मैनेजर और दलालों की मिलीभगत का खुलासा हुआ।

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पुणे

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Devika Chatraj

Nov 29, 2025

SBI कार लोन घोटाले में ED की कार्रवाई (AI/Patrika Graphic)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की पुणे स्थित यूनिवर्सिटी रोड ब्रांच में हुए करोड़ों रुपये के कार लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने 25-26 नवंबर को पुणे में लोन लेने वालों और कार डीलरों के 12 आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर छापेमारी की और भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज़ तथा कई हाई-एंड लग्जरी कारें जब्त कीं।

ED की जांच में हुआ खुलासा

ED की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी उधारकर्ताओं ने जाली आय प्रमाण पत्र, फर्जी कोटेशन और अन्य नकली दस्तावेजों के आधार पर BMW, Mercedes, Volvo, Land Rover जैसी महंगी लग्जरी गाड़ियों के लिए उच्च मूल्य के कार लोन हासिल किए और बैंक को चपत लगाई।

पूर्व ब्रांच मैनेजर पर भी शिकंजा

छापेमारी पूर्व ब्रांच मैनेजर अमर कुलकर्णी के ठिकानों पर भी की गई। ED के मुताबिक, 2017-19 के दौरान यूनिवर्सिटी रोड ब्रांच में चीफ मैनेजर रहे सार्वजनिक सेवक अमर कुलकर्णी ने ऑटो लोन काउंसलर आदित्य सेठिया और कुछ उधारकर्ताओं के साथ मिलीभगत कर आपराधिक साजिश रची। कुलकर्णी ने बैंक की ऋण नीति का खुला उल्लंघन करते हुए जाली दस्तावेजों की बिना जांच किए ही ऊंचे कार लोन को मंजूरी दी और सैंक्शन कर दिया।
कई मामलों में मार्जिन मनी बढ़ाने के लिए वाहनों के कोटेशन में मनमाने ढंग से कीमतें बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गईं।

क्या-क्या जब्त हुआ?

  • कई लग्जरी कारें (PMLA की धारा 17 के तहत जब्त)
  • उधारकर्ताओं द्वारा खरीदी गई अचल संपत्तियों के दस्तावेज
  • आपत्तिजनक बैंक दस्तावेज, फर्जी कोटेशन और अन्य इंक्रीमिनेटिंग सामग्री

मामले की जांच जारी

ED ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के प्रावधानों के तहत की है। मामला मूल रूप से CBI, ACB पुणे और शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR पर आधारित है, जिसमें IPC की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत केस दर्ज हुआ था। जांच आगे जारी हे। ED को उम्मीद है कि जल्द ही घोटाले की पूरी रकम और सभी लाभार्थियों की पहचान हो जाएगी